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पिछले 44 दिनों से हड़ताल पर अड़े एसटी कर्मचारियों को अंतिम अल्टीमेटम, परिवहन मंत्री अनिल परब ने दी मेस्मा की चेतावनी

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मुंबई : विलीनीकरण की मांग को लेकर पिछले 44 दिनों से हड़ताल पर अड़े एसटी कर्मचारियों को सोमवार तक का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है। परिवहन मंत्री अनिल परब ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यदि सोमवार तक हड़ताली कर्मचारी काम पर वापस आ जाते हैं, तो उनका निलंबन रद्द कर दिया जाएगा। परिवहन मंत्री ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि यह आखिरी अल्टीमेटम है।
अनिल परब ने कहा है कि काम पर आए कर्मचारियों को वेतन वृद्धि दी गई है। काम पर आने वालों को वेतन वृद्धि दी जाएगी। अनिल परब ने कहा कि सोमवार तक काम पर आने वाले कर्मचारियों को काम पर रखा जाएगा, इसके बाद निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी को रोका गया तो उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाएगी।
अनिल परब ने कहा कि 2018 के नियमानुसार एसटी आवश्यक सेवा में आती है इसलिए मेस्मा के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। परब ने कहा कि मानवता की दृष्टि से कर्मचारियों को मौका दिया जाएगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल से अब तक एसटी को 550 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। परब ने कहा कि जो कर्मचारी एक महीने से काम पर नहीं थे, उन्हें उनका वेतन कैसे मिलेगा। इसके लिए नेता जिम्मेदार हैं, क्या वे नुकसान भरपाई करेंगे।
परब ने कहा कि मैंने निगम के सभी अधिकारियों से बात की है, उनका कहना है कि कर्मचारी आने को तैयार हैं। 10 हजार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन की कार्रवाई के चलते कुछ कर्मचारी ग्रुप में मिलने आ रहे हैं। हड़ताल को आत्महत्या से जोड़ने का प्रयास हो रहा है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि विलय का मुद्दा समिति के समक्ष है। 12 सप्ताह में रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। इसके लिए तुरंत फैसला नहीं लिया जा सकता। परब ने कहा कि सदाभाऊ खोत और पडलकर ने हमारी भूमिका को स्वीकार किया, लेकिन वे कामगारों को समझाने में नाकाम रहे। ज्ञात हो कि ज्यादातर कामगार अभी भी विलीनीकरण पर अडिग हैं। एसटी के 93 हजार कर्मचारियों में लगभग 20 हजार काम पर लौट चुके हैं।