मुंबई, चुनाव नज़दीक आता हैं तो हर नेता डेवलपमेंट की बात करता हैं. लोगों से खुद जाकर मिलता हैं, लेकिन ऐसे बहुत कम नेता राजनीति में हैं, जो हमेशा विकास के कामों के प्रति प्रयत्नशील रहते हैं. अजित पवार और आदित्य ठाकरे ये दोनों इसी कैटेगरी में आते हैं. इसका अनुभव आज मुंबई के महालक्ष्मी मैं रहने वाले लोगों ने किया. सुबह तड़के 7:30 बजे दोनों मंत्री मुंबई के महालक्ष्मी स्टेशन के नज़दीक धोबी घाट, हिल टोप लेन इन यहां पे हो रहे और पूरे हुए विकास कार्यों का जायज़ा लिया. अजित पावर अधिकारियों से कई सवाल भी पूछ रहे थे.
आदित्य ठाकरे पर्यावरण मंत्री तो हैं ही लेकिन वे मुंबई के पालक मंत्री भी हैं. पिछले कई दिनों से वे मुंबई में अलग-अलग जगह पर हुए विकास कार्यों का उद्घाटन कर रहे हैं. आज वे खुद उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पावर को लेकर विकास कार्यों का जायज़ा लेने निकल पड़े. दोनों नेताओं कि अगर बात करें तो दोनों अपना दिन जल्दी शुरू करते हैं. लोगों से मिलने के लिए कभी इकराते नहीं और विकास कार्यों में हमेशा राजनीति से आगे रखते हैं.
मुंबई के दादर बीच पर हाल फिलाहल में आदित्य ठाकरे की कल्पना से एक डेक बनाया गया हैं. जहां सैलानी आकर वरली सी लिंक का मनोरम दृश्य देख सकते हैं. ऐसे ही मुंबई के कुछ फ़्लाइओवर के नीचे उनकी कल्पना से छोटे उद्यान और लोगों को सहूलियत से बैठने की जगह बनाई गई हैं. अब ये देखना दिलचस्प होगा की इस बजट मैं क्या आदित्य ठाकरे मुंबई के विकास के लिए अजित पावर से हमेशा से ज्यादा फंड ले पाते हैं या नहीं.
देशभर में इन दिनों हिजाब का मुद्दा काफी गरमाता जा रहा है. हिजाब के मुद्दे पर इन दिनों पूरे देश में डिबेट हो रही है. यह मामला अब कोर्ट तक पहुंच चुका है. इस मामले में अब राष्ट्रवादी कांग्रेस की एंट्री हो गई है. एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पावर ने नसीहत दी हैं कि लोगों को सेक्युलरिज़म का पालन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारा देश सेक्युलर हैं, इसी वजह से सेक्युलरिज्म का पालन होना चाहिए. कर्नाटक में हुई हिजाब की घटना और उसके बाद देशभर में इस मुद्दे पर आ रही प्रतिक्रिया को अजित पवार ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.
एनसीपी नेताने कहा कि ऐसी किसी भी घटना से हमें दूर रहना चाहिए, जिससे समाज में दरार आ सकती हैं या ग़लतफ़हमी पैदा हो सकती है. एनसीपी नेता ने कहा कि दो समाज में तनाव जैसे माहौल पैदा करने वाली परिस्थिति से हमें दूर रहना होगा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे राजनीति का मुद्दा बनाना चाहते हैं. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की संस्कृति हमें कभी नहीं सिखाती की दो धर्मों में दरार पैदा हो.





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