मुंबई, मुंबई में स्थित नालों के गंदे पानी पर अब प्रक्रिया करने के बाद ही उसे समुद्र में छोड़ा जाएगा। इसके लिए नीरी और आईआईटी के `इन सीटू ट्रीटमेंट’ तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इतना ही नहीं इससे कचरे को भी रोका जा सकेगा। इस परियोजना के लिए मनपा ८३ करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है।
मुंबई को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए मनपा के माध्यम से अनेक उपक्रमों को चलाया जा रहा है। इसमें प्रदूषण रोकने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन नीति, कचरा प्रबंधन, मियावाकी जंगल का निर्माण करना आदि शामिल हैं। वहीं अब नालों से सीधे समुद्र में जानेवाले गंदे पानी पर प्रक्रिया की जाएगी। प्रक्रिया के बाद शुद्ध हुए पानी को समुद्र में छोड़ने का पैâसला लिया गया है। बता दें कि नालों से जानेवाले गंदे पानी के चलते समुद्र के प्रदूषित होने का खतरा बना रहता है। राष्ट्रीय लवादा इसके लिए मुंबई मनपा को २८ लाख रुपए का दंड भी लगा चुका है। फिलहाल अभी यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इस पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय हरित लवादा द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार समुद्र में छोड़े जानेवाले गंदे पानी को पंपिंग स्टेशन के जरिए स्वच्छ किया जाता है। हालांकि पंपिंग स्टेशन द्वारा समुद्र में छोड़े जानेवाले पानी पर प्रक्रिया करने में समय लगता है। इसलिए अब नालों के पानी को नई तकनीक द्वारा शुद्ध करने का पैâसला लिया गया है।
`इन सीटू ट्रीटमेंट’ से नालों के पानी पर प्रक्रिया करते समय कचरे को भी अलग किया जाएगा। इससे समुद्री पानी में होनेवाले प्रदूषण को भी रोका जा सकेगा। इस काम के लिए मनपा ने टेंडर मंगाया है। परियोजना को पांच सालों के लिए चलाया जाएगा।





Users Today : 5
Users Yesterday : 57
Users Last 7 days : 391
Users Last 30 days : 868
Users This Month : 352
Users This Year : 9302
Total Users : 70509
Views Today : 5
Views Yesterday : 81
Views Last 7 days : 544
Views Last 30 days : 1130
Views This Month : 489
Views This Year : 10526
Total views : 106549
Who's Online : 0


