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मुंबई में बनाए २३६ वॉर्डों की संरचना पर यथास्थिति बनाए रखने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश

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मुंबई, राज्य की ‘ईडी’ सरकार को कल जोर का झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने महाविकास आघाड़ी सरकार द्वारा मुंबई में बनाए २३६ वॉर्डों की संरचना पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अपने एक पुराने निर्णय से हाथ झटकना पड़ा है। कल ‘ईडी’ सरकार ने विधानसभा में ‘मेयर विधेयक’ पेश किया, जिसका विपक्ष ने जमकर विरोध किया। इसके तहत मेयर और नगराध्यक्ष को जनता सीधे चुन सकती है। महाविकास आघाड़ी सरकार में जब एकनाथ शिंदे नगर विकास मंत्री थे, तब उन्होंने इसका जमकर विरोध किया था। मगर ‘ईडी’ सरकार में भाजपा के सहारे मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें मजबूरी में इसका समर्थन करना पड़ रहा है।
मुंबई मनपा में फिलहाल २३६ वॉर्ड की स्थिति बनी रहेगी। कल इस मामले में ‘ईडी’ सरकार को ‘सुप्रीम’ झटका लगा है। मनपा के २३६ वॉर्ड आरक्षण को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इसके बावजूद नई सरकार २२७ वॉर्ड आरक्षण पर अड़ी हुई थी। कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में स्थगन आदेश जारी किया है। ऐसे में एक बार फिर संभावना जताई जा रही है कि ‘२३६ वॉर्ड’ के तहत चुनाव हो सकते हैं। साथ ही मुंबई में २३६ वॉर्ड ही रहेंगे। हालांकि ‘२२७ वॉर्ड’ के लिए चुनाव कराने का अंतिम निर्णय होता है, तो मनपा को आरक्षण और मतदाता सूचियों को अद्यतन करने में एक से डेढ़ महीने का समय लगेगा। इसमें सैकड़ों कर्मचारियों की मेहनत और खर्च होनेवाले लाखों रुपए बर्बाद होंगे।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को मनपाओं की रुकी हुई चुनाव प्रक्रिया को शुरू करने का निर्देश दिया था। इसके बाद मुंबई मनपा ने ३१ मई को बिना ‘ओबीसी’ आरक्षण के लॉटरी निकाली थी। वहीं ‘ओबीसी’ आरक्षण का मुद्दा जैसे ही सुलझ गया, वैसे ही २८ जुलाई को ‘ओबीसी’ आरक्षण के साथ फिर से लॉटरी निकालकर आरक्षण निर्धारित किया गया। लेकिन राज्य में नई सरकार ने बढ़े हुए ९ वॉर्डों के फैसले पर स्थगन आदेश दिया था। ऐसे में पूर्व महापौर एड. सुहास वाडकर ने नई सरकार के फैसले को अवैध बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। इस पर हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने ‘ईडी’ सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है। इस दौरान दो बार आरक्षण निर्धारित करने और मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के काम पर मनपा के ३०० कर्मचारियों की मेहनत और इस प्रक्रिया पर ५० लाख खर्च भी हुए हैं।