मुंबई : महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार में मंत्री अनिल देशमुख पर अपने पद से इस्तीफा देने का दबाव बढ़ता जा रहा है. राज्य में विपक्षी पार्टी बीजेपी लगातार उद्धव सरकार पर सवाल दाग रही है. अब केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सवाल पूछा है कि अगर मुंबई का 100 करोड़ का टारगेट है, तो पूरे महाराष्ट्र का कितना था?
रविशंकर प्रसाद ने कहा, “मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर की चिठ्ठी को लेकर देश में काफी हंगामा हो रहा है जिसमें उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने सचिन वाजे से कहा कि हमें 100 करोड़ रुपये महीना बंदोबस्त करके दो.BJP की तरफ से सवाल है कि सचिन वाजे की नियुक्ति किसके दबाव में की गई? एक और बहुत बड़ा गंभीर सवाल है कि 100 करोड़ का टारगेट था मुंबई से है तो कृपया करके उद्धव ठाकरे और शरद पवार जी बताएं कि पूरे महाराष्ट्र का टार्गेट क्या था? अगर एक मंत्री का टारगेट 100 करोड़ था तो बाकी मंत्रियों का टारगेट क्या था?”
भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने की मांग
वहीं पूर्व आईपीएस अधिकारी पीके जैन ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर होटलों और बार से हर महीने 100 करोड़ रुपये की उगाही करने का निर्देश देने संबंधी आरोप को गंभीर करार दिया है. उन्होंने कहा कि मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए.
जैन ने कहा, “मेरे विचार से भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत मामला दर्ज करना ही सही रास्ता हैं. देशमुख को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि परमबीर सिंह को पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए उनके पद से हटाया जा सकता है तो मंत्री पर भी यही नियम लागू होना चाहिए है और उन्हें अपने पद पर बने नहीं रहना चाहिए.”
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों के बाद महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर पद छोड़ने का दबाव है. गठबंधन के सूत्रों का कहना है कि आरोप बहुत गंभीर है और केवल इस्तीफा ही उनके लिए एक रास्ता बचा है. हालांकि देशमुख ने आरोपों से इनकार किया है और शनिवार को कहा कि वह मानहानि का मुकदमा करेंगे. बीजेपी ने उन्हें हटाने की मांग की है.
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में, परमबीर सिंह ने कहा था कि गृह मंत्री ने सचिन वाजे सहित कई अधिकारियों को जबरन वसूली रैकेट चलाने के लिए कहा था और उन्हें हर महीने 100 करोड़ रुपये की उगाही का लक्ष्य दिया था. आरोप है कि उन्हें रेस्तरां, पब, बार और हुक्का पार्लर से पैसे इकट्ठा करने के लिए कहा गया था.





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