Home Maharashtra अनुशासित हैं लोकल में सफर करने वाले यात्री! 300 क्लीन अप मार्शल...

अनुशासित हैं लोकल में सफर करने वाले यात्री! 300 क्लीन अप मार्शल तैनात होने के बाद भी धीमी कार्रवाई

151
0

मुंबई : पिछले कई दिनों से सरकार द्वारा मुंबई में बढ़ते संक्रमण का कारण लोगों की लापरवाही बताई जा रही है। यहां तक कहा जा रहा है कि लोग नहीं सुधरे, तो लॉकडाउन भी लग सकता है। दूसरी ओर रेलवे में रोजाना औसतन 36 लाख यात्री सफर कर रहे हैं। इन यात्रियों द्वारा लापरवाही बरतने पर कार्रवाई के लिए बीएमसी द्वारा विशेष तौर से 300 क्लीन अप मार्शल की टीम तैनात की गई है। दरअसल इन मार्शल द्वारा 1 फरवरी से 31 मार्च तक पश्चिम और मध्य रेलवे पर कुल 22 हजार यात्रियों पर कार्रवाई की गई है। अब इस आंकड़े को गौर से देखें, तो हिसाब निकलता है कि रेलवे में तैनात प्रत्येक क्लीन अप मार्शल रोजाना दो यात्री पर भी कार्रवाई नहीं कर पाता। दो महीनों में 22 हजार कार्रवाई का मतलब है कि रोजाना औसतन 366 लोगों पर रेलवे (पश्चिम और मध्य) में कार्रवाई हो रही है। 300 लोगों की टीम और कार्रवाई केवल 366 पर, इसका सीधा सा मतलब है कि कार्रवाई में कोताही बरती जा रही है या 300 क्लीन अप मार्शल तैनात ही नहीं हैं।
मध्य रेलवे के स्टेशन पर तैनात कुछ क्लीन अप मार्शल से बातचीत में पता चला कि जहां टीसी और आरपीएफ खड़े रहते हैं, वहीं उन्हें खड़ा रहना पड़ता है। रेलवे से आने-जाने वाले यात्री आमतौर पर रेगुलर होते हैं, जो ट्रेन से उतरते ही मास्क पहन लेते हैं। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि स्टेशन परिसर चारों ओर से सीसीटीवी की निगरानी में होता है, ऐसे में मार्शल कार्रवाई करने से डरते हैं। पश्चिम रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने राज्य में नाइट कर्फ्यू का जो समय निर्धारित किया है, उसका प्रभाव दिखाई दे रहा है। अब ट्रेनों में रात 9 बजे के बजाय 8 बजे से ही भीड़ बढ़ना शुरू हो गई है। गौरतलब है कि पुलिस और बीएमसी द्वारा 8 बजे के बाद दुकानें बंद करा दी जाती हैं जिसके बाद छोटे मोटे व्यापारी और हॉकर्स घर को लौटने लगते हैं।
एक 12 डिब्बों की लोकल में 1200 यात्री आराम से यात्रा करते हैं। अनलॉक के समय इन ट्रेनों में सरकार ने 700 यात्री तक संख्या सीमित रखने को कहा, लेकिन एमएसआरटीसी और बेस्ट की बसों से ये नियम हटाने के बाद ट्रेनों में भी शत प्रतिशत क्षमता कर दी गई। रेलवे के ताजा आंकड़ों के अनुसार मुंबई में अब रोजाना करीब 36 लाख यात्री चलने लगे हैं। इसका मतलब है हर सर्विस में शत प्रतिशत या उससे ज्यादा यात्री चल रहे हैं। सामान्य अवस्था में पीक आवर्स में 1200 यात्री क्षमता वाली ट्रेन में साढ़े चार हज़ार यात्री भी सफर करते हैं।