Home Country लड़की से दोस्ती का मतलब सेक्स के लिए सहमति नहीं’, दोषी को...

लड़की से दोस्ती का मतलब सेक्स के लिए सहमति नहीं’, दोषी को युवक को 8 साल की सजा

90
0

मुंबई, नाबालिग के साथ बलात्कार के मामले में सेशन कोर्ट ने एक युवक को दोषी ठहराते हुए आठ साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, दोषी को 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने कहा कि दोस्ती को प्यार के लिए गलत नहीं समझा जा सकता है। विपरीत लिंग का दोस्त होने का मतलब यह नहीं है कि वह अपनी यौन इच्छा को पूरा करने के लिए उपलब्ध है।
मुलुंड का रहने वाला 18 वर्षीय लड़के के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 (डी) और 376 के तहत एफआईआर दर्ज हुआ था। जिस पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया गया, वह 13 वर्ष की थी, इसलिए मामले में पोक्सो ऐक्ट की धाराएं लगाई गई थीं। इस मामले में स्पेशल पोक्सो कोर्ट में सुनवाई हुई। स्पेशल जज प्रीती कुमार ने बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषी ठहराया। कोर्ट ने कहा, ‘यह स्पष्ट है कि पीड़िता की सहमति नहीं थी। इसीलिए यह जरूरी नहीं है कि विरोध को संघर्ष के निशान से दिखाया जाए।’ कोर्ट ने कहा, ‘रिपोर्ट में कहा गया है कि रेप से एक दिन पहले आरोपी ने पीड़िता से कहा था कि वह उससे प्यार करता है। पीड़िता ने इस बात की तुरंत अपनी मां को सूचना दी थी।
कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने दोस्त होने की आड़ में अपने एकतरफा प्यार के चलते उसने जघन्य अपराध किया। आरोपी के इस हरकत से लड़की की जिंदगी तबाह हुई है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा, ‘कानून की तय स्थिति है कि नाबालिग की सहमति कोई सहमति नहीं होती है।’ इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को आईपीसी और पोक्सो ऐक्ट के विभिन्न धाराओं के तहत युवक को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।