मुंबई: रेलवे ने मुंबई के 19 स्टेशनों की कायापलट का निर्णय लिया है। इस योजना के लिए ₹947 करोड़ खर्च किए जाएंगे। मुंबई रेल विकास कॉर्पोरेशन (एमआरवीसी) स्टेशनों पर यात्री सुविधा बढ़ाने, नए फुटओवर ब्रिज, एलिवेटेड डेक्स, स्काइवॉक आदि बनाने का काम मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रॉजेक्ट (एमयूटीपी) 3ए के तहत करेगा। इसके अलावा, ट्रेनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पश्चिम और मध्य रेलवे पर कुल दो नए कारशेड का निर्माण किया जाएगा।
एमआरवीसी के अनुसार, स्टेशन डिवेलपमेंट का काम 7 चरण में होगा, जिसके लिए जल्द ही टेंडर निकाले जाएंगे। काम की शुरुआत कुछ दिनों में हो जाएगी। मेनलाइन, हार्बर लाइन और पश्चिम रेलवे पर काम होते हुए दिखेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बार छोटे स्टेशनों को भी शामिल किया गया है।
एमयूटीपी में स्टेशन डिवेलपमेंट के तहत 11 स्टेशन मध्य रेलवे और 8 स्टेशन पश्चिम रेलवे के होंगे। इनमें भांडुप, मुलुंड, शहाड, नेरल, कसारा, जीटीबी नगर, गोवंडी, मानखुर्द, कांदिवली, मीरा रोड, वसई, नालासोपारा और विरार शामिल हैं। मुंबई में कुल 119 उपनगरीय स्टेशन हैं। इनमें से ज्यादातर स्टेशन 80 साल पुराने और भीड़भाड़ वाले हैं।
एमआरवीसी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यात्री सुविधाओं के लिहाज से सभी स्टेशनों का विकास किया जाना चाहिए। 80 साल में स्टेशन परिसर का क्षेत्र तो बढ़ा नहीं, लेकिन भीड़ बढ़ी है। ट्रेनों की लंबाई 12 डिब्बों से 15 डिब्बे होने से प्लैटफॉर्म की लंबाई बढ़ी है, ऐसे में यात्रियों के लिए आवाजाही का एरिया घट गया है। इस बात को ध्यान में रखते हुए स्टेशनों का विकास किया जाएगा।
स्टेशनों में यात्रियों के लिए आवाजाही का क्षेत्र बढ़ाना बहुत जरूरी हो गया है। इसके लिए बोरीवली और अंधेरी स्टेशन जैसे एलिवेटेड डेक बनाए जाएंगे। इन्हें स्टेशन पर उपलब्ध सभी एफओबी से जोड़ा जाएगा। स्टेशनों में प्रवेश और निकास व्यवस्था को पुख्ता किया जाएगा। करीब 16 स्टेशनों पर एफओबी, एलिवेटेड डेक, स्काइवॉक, सर्विस बिल्डिंग के स्थानांतरण, स्टॉल्स और कियोस्क की जगह बदलने, स्टेशनों पर हरित क्षेत्र बढ़ाने, रोशनी और अन्य इलेक्ट्रिक सुविधा बढ़ाने की जरूरत है।
इस प्रॉजेक्ट के लिए एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) के वित्तीय मदद ली जाएगी। स्टेशन विकास के साथ ही एमआरवीसी पश्चिम और मध्य रेलवे पर हाई टेक कारशेड बनाने जा रही है। इसके लिए कर्जत के भीवपुरी और पालघर के वानगांव में भूमि अधिग्रहण का काम शुरू किया गया है। ये कारशेड यहीं बनेंगे। 33,000 करोड़ बजट वाले एमयूटीपी 3ए में इस तरह के कारशेड बनाने की बात हुई थी। इन्हें बनाने का फैसला 2019 में ही हो गया था। इन कारशेड में ट्रेनों की पार्किंग, रखरखाव, निरीक्षण, मरम्मत आदि का काम होगा। मौजूदा हालात देखते हुए पश्चिम रेलवे के वांनगांव में 35 हेक्टेयर और मध्य रेलवे के भीवपूरी में 55 हेक्टेयर की जरूरत होगी।





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