मुंबई : राज्य सरकार में विलय और अन्य मांगों को लेकर पिछले165 दिनों से हड़ताल पर अड़े एसटी कर्मचारियों की वजह से राज्य परिवहन निगम को 2,500 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। निगम के अधिकारियों के अनुसार, पहले से ही घाटे में चल रही एसटी की आर्थिक कमर हड़ताल ने तोड़ दी है। हड़ताल के पहले कोरोनाकाल में भी बसें न चलने से निगम को भारी घाटा उठाना पड़ा। हड़ताल की वजह से जहां ग्रामीण भागों में जनजीवन पर असर पड़ा वहीं पांच महीने बड़ी संख्या में बसों के खड़े रहने से भी नुकसान हुआ है। आय मात्र 25 फीसदी रह गई है। निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों की तुलना में अप्रैल में निगम के राजस्व में वृद्धि हुई है।
काम पर लौटने लगे हैं कर्मचारी
अधिकारियों ने कहा कि पिछले 10 दिनों में कर्मचारियों के काम पर लौटने से एसटी का राजस्व बढ़ा है। प्रत्येक स्टॉफ को संपर्क कर , फेसबुक, व्हाट्सएप के जरिए काम पर आने की अपील की जा रही है। कर्मचारी भी काम पर लौट रहे हैं, इसका असर दिखाई पड़ने लगा है।
एसटी जल्द ही पूर्ववत किया: अनिल परब
परिवहन मंत्री एड. अनिल परब ने कहा कि एसटी को जल्द ही पूर्ववत कर दिया जाएगा। उच्च न्यायालय ने एसटी संपर्क कर्मचारियों को 22 अप्रैल तक काम पर लौटने का निर्देश दिया है। निगम के अध्यक्ष, एड. अनिल परब ने मंत्रालय स्थित कार्यालय में एसटी निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि हड़ताल के चलते पिछले पांच माह से एसटी बसें बंद पड़ी हैं। इनमें से कुछ वाहनों के खराब होने के लिए आवश्यक धन उपलब्ध कराना होगा।





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