Home Country २० करोड़ लोग प्री-डायबिटीज के शिकार!

२० करोड़ लोग प्री-डायबिटीज के शिकार!

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मुंबई, भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस मर्ज का शिकार युवा पीढ़ी भी हो रही है। इसकी एक मुख्य वजह खराब जीवनशैली और खान-पान को बताया जा रहा है। डायबिटीज की देखभाल के लिए प्रमाणित एवं व्यापक प्रोग्राम उपलब्ध करानेवाले डिजिटल ऐप आधारित प्लेटफॉर्म बीटो के सर्वे में यह जानकारी सामने आई है कि भारत में २०० मिलियन से ज्यादा यानी २० करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज के बॉर्डर पर हैं, जिन्हें हम प्री-डायबिटीज भी कह सकते हैं। इस बीमारी से पीड़ित होनेवाले लोगों में सबसे अधिक ९५ फीसदी शहरी और ग्रामीण इलाकों से आते हैं। खास बात ये भी है कि इस बीमारी का इलाज करने के लिए डायबिटीज विशेषज्ञ ५ फीसदी से भी कम है जो कि बहुत ही चिंताजनक बात है।
साइलेंट किलर के नाम से जानी जानेवाली बीमारी डायबिटीज के विशेषज्ञों की कमी को देखते हुए डिजिटल ऐप आधारित प्लेटफॉर्म बीटो ने चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित डायबिटीज केयर प्रोग्राम के लांच की घोषणा की है।
बीटो के अनुसार भारत को आज विश्व की डायबिटीज कैपिटल कहा जाता है, इतना ही नहीं आज भारत में २०० मिलियन से ज्यादा लोग डायबिटीज के बॉर्डर पर हैं जिन्हें हम प्रीडायबिटीज भी कह सकते हैं आज भारत का औसत एचबीएसी ८.५ फीसदी है जो कि बेहद चिंताजनक है। डॉ. नवनीत अग्रवाल हेड एंड सीनियर वाइस प्रेसिडेंट केयर प्रोग्राम बीटो ने बताया कि डॉक्टरों द्वारा डिजाइन किए गए इस संरचित डायबिटीज नियंत्रण प्रोग्राम के माध्यम से व्यक्ति अपने ब्लड शुगर को कंट्रोल कर सकता है एवं एचबीए१सी में सुधार ला सकता है। अपने वजन में नियंत्रण पा सकता है तथा भविष्य में होनेवाले डायबिटीज जनित जटिलताओं की संभावना को भी कम कर सकता है।