मुंबई, कहते हैं दगाबाजी जिनकी फितरत में होती है, वे किसी के भी सगे नहीं हो सकते। ऐसा ही एक मामला कानपुर से सामने आया है, जहां रहनेवाली आकांक्षा उर्फ कोमल नामक युवती को उसके ‘प्रेमियों’ के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कोमल पर आरोप है कि उसने हैवानियत की सारी हदों को पार करते हुए अपने उन बुजुर्ग माता-पिता को मौत के घाट उतार दिया, जिन्होंने उसे बचपन में गोद लेने के बाद पाल-पोसकर बड़ा किया था। कोमल और उसके प्रेमियों से पुलिसिया पूछताछ में जब इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा हुआ तो लोग दातों तले उंगली दबाने पर मजबूर हो गए।
कानपुर के बर्रा-२ में रहनेवाले फील्ड गन फैक्ट्री के सेवानिवृत्त ६५ वर्षीय मुन्नालाल उत्तम और उनकी ५५ वर्षीय पत्नी राजदेवी की सोमवार रात धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के समय मुन्नालाल का बेटा विपिन और बेटी आकांक्षा उर्फ कोमल घर में ही थे, लेकिन उन्हें हत्या के बारे में कोई जानकारी नहीं थी क्योंकि जब कत्ल हुआ तो वे दोनों (विपिन और कोमल) बेहोश थे। होश में आने पर उन्होंने शोर मचाया और पड़ोसियों के जरिए घटना की सूचना पुलिस को मिली। बेटे विपिन ने पहले घर छोड़कर गई अपनी पत्नी व उसके भाइयों पर शक जताकर मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन पुलिस की जांच में जो कहानी सामने आई उससे सभी अवाक रह गए। आज लोग यही कह रहे हैं कि अपने तो अपने होते हैं।
मुन्नालाल और राज देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि हत्या से पहले दोनों को अनार के जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश किया गया था। शायद वही नशीला जूस विपिन और कोमल ने भी पिया होगा, ऐसा मानकर पुलिस ने जूस बनाने या लानेवाले के बारे में विपिन से पूछताछ की तो पहली बार कोमल का नाम पुलिस की रडार पर आया। हालांकि, पहले कोमल ने पुलिस को गुमराह करने की बहुत कोशिश की लेकिन मकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के चलते कोमल सच बताने पर मजबूर हो गई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कोमल, मुन्नालाल की सगी बेटी नहीं थी। मुन्नालाल और राजदेवी ने कोमल को बचपन में गोद लिया था। लेकिन कोमल ने मुन्नालाल की दौलत हड़पने की लालच में ट्रिपल मर्डर की साजिश रची थी। उसने मुन्नालाल के साथ राजदेवी और उनके बेटे विपिन को भी मारने की योजना बनाई थी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए कोमल ने मुंबई में रहनेवाले अपने प्रेमी की मदद ली थी।
सीसीटीवी फुटेज में एक युवक वारदात से कुछ समय पहले मुन्नालाल के घर के पास आता दिखा, जिसे देखकर पुलिस का माथा ठनका क्योंकि आते समय वह खाली हाथ आया था और जाते समय उसके हाथ में एक बैग था। बेंजाडीन टेस्ट में कोमल के हाथ व कपड़ों पर खून के दाग मिले, जिसके बाद वह टूट गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपने प्रेमी राहुल और उसके भाई रोहित की कत्ल में भूमिका के बारे में सब कुछ बता दिया। कोमल का प्रेम-प्रसंग उसकी मौसी के रिश्तेदार फतेहपुर बकेवर के गांव शाहजहांपुर निवासी राहुल उत्तम से चल रहा था। मुंबई में सेना के अस्पताल में एंबुलेंस ड्राइवर के पद पर तैनात राहुल से कोमल की पहली मुलाकात दो साल पहले एक पारिवारिक समारोह में हुई थी। इसके बाद राहुल ने इंस्ट्राग्राम पर प्रोफाइल सर्च कर उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे का नंबर शेयर कर बातचीत शुरू की थी। कोमल ने बताया कि राहुल के जरिए उसकी मुलाकात रोहित से हुई थी। हालांकि, राहुल को पता नहीं था कि उसकी गैरमौजूदगी में वह रोहित से भी मिलने लगी थी। कोमल ने राहुल और रोहित से अपने उन्हीं संबंधों को भुनाया।





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