मुंबई, जिन लोगों के पास ताकत, औकात, योग्यता और नेतृत्व नहीं है, ऐसे व्यक्ति को जबरदस्ती पद पर बैठाया गया, तो उसे वंशवाद कह सकते हैं, परंतु एकाध घर में जन्म से ही आनेवाली पीढ़ी योग्य हो और जनता ने जिसे सांसद, विधायक बनाया हो, उसे परिवारवाद कहना गलत है, ऐसे शब्दों में विधानसभा प्रतिपक्ष के नेता अजीत पवार ने कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उत्तर दिया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवारवाद की आलोचना की। उन्होंने चाचा-भतीजे की मानसिकता और पारिवारिक राजनीति के खिलाफ लड़ने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवारवाद की आलोचना के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए अजीत पवार ने कहा कि परिवारवाद का शासन कोई नहीं ला सकता। जनता जिन्हें चुनती है, वहीं लोकतंत्र में चुने जा सकते हैं। कहा जाता है कि वंशवाद खत्म हो गया है, लेकिन वंशवादी लोग तभी चुने जाते हैं, जब लोग उन्हें चुनते हैं। जवाहरलाल नेहरू के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल के बाद, इंदिरा गांधी ने देश की बागडोर संभाली। इंदिरा गांधी ने अपनी पहचान बनाई थी, उसके बाद राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने। उन्होंने देश में कंप्यूटर युग लाया। उनकी मिस्टर क्लीन की छवि थी। वंशवाद, वंशवाद ऐसा कहा जाता है, लेकिन परिवारवाद की योग्य पीढ़ी को उनके क्षेत्र के लोगों द्वारा विधायक-सांसद बना दिया जाए, तो इसे वंशवाद कहना गलत होगा, ऐसा अजीत पवार ने कहा।





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