मुंबई, विदर्भ के गुटखा माफिया उमेश कोल्हे हत्याकांड की जांच कर रही एनआईए के रडार पर आ गए हैं। एनआईए सूत्रों के मुताबिक कोल्हे हत्याकांड के लिए अवैध वसूली करनेवालों के तार गुटखा माफियाओं से जुड़ रहे हैं। हत्याकांड में आर्थिक सहायता करनेवालों की एनआईए ने धर-पकड़ शुरू कर दी। इस मामले में अवैध फंडिंग करनेवालों के पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
एनआईए सूत्रों के मुताबिक अवैध गुटखा कारोबार की आड़ में करोड़ों-अरबों रुपए की संपत्ति जमा कर शहर समेत विदर्भ के कई संगठनों को कथित रूप से फंडिंग की जा रही हैै। इसी कड़ी में हत्याकांड के बाद भी बड़े पैमाने पर आर्थिक व्यवहार किए गए थे, जिसमें संबंधित गुटखा करोबारी का नाम जुड़ रहा है। जिसे लेकर अधिकतर सबूत एनआईए ने इकट्ठा कर लिए हैं। एनआईए टीम बडनेरा के कुछ इलाकों में बेहद गोपनीय तरीके से जांच कर रही है। इसके अलावा अंबागेट निवासी गुटखा कारोबारियों के दो करीबी भी एनआईए के रडार पर हैं, जो आर्थिक लेनदेन में मुख्य भूमिका निभाते हैं। यह कार्यवाही एक आरोपी की निशानदेही पर की गई है, जिससे संबंधित ठिकानों की जानकारी मिली है।
जांच में कई बड़े चौंकानेवाले खुलासे हो रहे हैं। अवैध गुटखा करोबारी कथित रूप से संवेदनशील संगठनों को फंडिंग कर रहा था। साथ ही उसने कई अपराधियों के साथ भी आर्थिक व्यवहार किया है। कॉल डिटेल के साथ-साथ संबंधित कारोबारी और फंडिंग मुखिया अधिकतर व्हॉट्सऐप कॉल पर लोगों के संपर्क में रहता था लेकिन कुछ लोगों ने व्हॉट्सऐप कॉल रिकॉर्डिंग कर अपने मोबाइल में रखी थी। जिसमें कुछ रिकॉर्डिंग आरोपियों के मोबाइल में थी। एनआईए सूत्रों के डेढ़ हजार से अधिक व्हॉट्सऐप कॉल रिकॉर्डिंग एनआईए के हाथ लगी है, मामले में कई और बड़े खुलासे होने के उम्मीद जताई जा रही है।





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