मुंबई, मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्वाइन फ्लू, मलेरिया, लेप्टो, डेंगू समेत अन्य मौसमी बीमारियां कहर बरपा रही हैं। इस वर्ष पिछले महीने में पहली बार मानसूनी बीमारियों ने छह मरीजों की जानें निगल ली हैं। इनमें स्वाइन फ्लू और डेंगू से क्रमश: दो-दो मरीजों और लेफ्टो से एक की मौत हुई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अगस्त में भले ही मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन अभी तक एक भी मरीज की मौत का मामला सामने नहीं आया है। इन सबके बीच मनपा स्वास्थ्य विभाग मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर पूरी तरह से अलर्ट है। साथ ही कई तरह के प्रभावी उपायों को अमल में ला रहा है, जिसमें उसे काफी हद तक सफलता भी मिलती दिख रही है।
मनपा स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पिछले अगस्त में मिले मरीजों के आंकड़ों पर नजर डालें तो शहर में मलेरिया के ५०९, स्वाइन फ्लू के १६३, डेंगू के १०५, लेप्टो के ४६, गैस्ट्रो के ३२४, हेपेटाइटिस के ३५ और चिकनगुनिया के दो मामले दर्ज हुए हैं।
मनपा की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मंगला गोमारे के मुताबिक अगस्त के शुरुआती दिनों के मुकाबले पिछले सप्ताह संक्रमण की संख्या में कमी आई है, जो मुंबईकरों के लिए राहत भरी खबर है। हालांकि इन सबके बीच स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है। डॉ. गोमारे का कहना है कि स्वाइन फ्लू के लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिर दर्द, दस्त और उल्टी जैसे लक्षण हैं। इसकी रोकथाम के लिए उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वे छींकते या खांसते समय अपनी नाक को ढंकें, साबुन और पानी से हाथ धोएं, आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें और सेल्फ मेडिकेशन न करें।
डॉ. गोमारे के मुताबिक नए मामलों का पता १ अगस्त से २१ अगस्त के बीच चला है। जुलाई की तुलना में इस महीने संक्रमण की संख्या में वृद्धि हुई है। जुलाई में शहर में स्वाइन फ्लू के १०५ मामले सामने आए थे, जिसमें दो मरीजों की मौत हुई थी। इसी तरह डेंगू के ६१ मामलों में से दो की मौत, मलेरिया के सामने आए ५६३ मामलों में से एक और लेप्टो के ६५ में से एक मरीज की मौत हुई है। मृतकों में एक आठ साल की बच्ची के साथ ही ३४ से ४४ साल के पुरुषों का समावेश है।
मुंबई में लेप्टोस्पायरोसिस, गैस्ट्रो एंटेराइटिस और हेपेटाइटिस के मामलों में पिछले महीने की तुलना में गिरावट आई है। डॉ. गोमारे के मुताबिक १ से २१ अगस्त तक मुंबई में लेप्टोस्पायरोसिस के ४६ मामले, ३२४ गैस्ट्रो और ३५ हेपेटाइटिस के मामलों का पता चला, जबकि जुलाई में ६५ लेप्टो, ६९७ गैस्ट्रो और ६५ हेपेटाइटिस के मामले देखे गए थे।





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