मुंबई, महानगर में पिछले ४ वर्षों में आवारा कुत्तों की संख्या जमकर बढ़ी है। मनपा के पशु विभाग के अनुसार मुंबई में आवारा कुत्तों की संख्या लगभग पौने दो लाख हो गई है। मनपा की ओर से आवारा जानवरों की नसबंदी का अभियान नहीं चलाए जाने से यह आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। हालांकि, इसके स्पष्ट आंकड़े अगले साल जनवरी में सामने आएंगे। मनपा की ओर से मुंबई में आवारा कुत्तों का सर्वे कराया जाएगा और उस सर्वेक्षण के आधार पर बड़े पैमाने पर रैबीज टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। जानवरों की नसबंदी के अभियान भी शुरू होंगे। मनपा अधिकारियों के मुताबिक, सर्वेक्षण रिपोर्ट के बाद रैबीज टीका अभियान में करीब सवा लाख से अधिक आवारा कुत्तों को वैक्सीन दी जाएगी।
मनपा के मुताबिक, साल २०१४ में हुए सर्वेक्षण में मुंबई में लगभग ९५ हजार आवारा कुत्ते थे, जो अब बढ़कर करीब १.७० लाख होने का अनुमान है। इन आवारा कुत्तों को रैबीज का टीका देना जरूरी है, ताकि ये रैबीज से संक्रमित न हो जाएं। साथ ही इनके काटने से कोई इंसान रैबीज का शिकार न होने पाएं।
पशुपालन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से २०३० तक कुत्तों में होनेवाली रैबीज बीमारी के उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना तैयार की गई है। इसी तर्ज पर मनपा की ओर से मुंबई को ‘रैबीजमुक्त’ बनाने के उद्देश्य से मिशन रैबीज उपक्रम शुरू किया जाएगा। मनपा का वर्ल्ड वाइड वेटरनरी सर्विसेज (डब्ल्यूवीएस) संस्था के साथ करार भी किया है, जिससे आवारा कुत्तों को टीका लगाने की पहल में और तेजी आएगी। मनपा की भारीभरकम टीम भी इस अभियान में जुटेगी लगभग ६०० कर्मचारी अलग-अलग व्यवस्था में तैनात होंगे। इसमें हाथ से कुत्तों को पकड़ने वालों की १०० टीमें और जाली के सहारे पकड़ने वालों की २० टीमें शामिल हैं।





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