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सत्ता में बैठे विधायकों को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार पर भरोसा नहीं है क्या? – सुप्रिया सुले

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मुंबई, मराठा आरक्षण मुद्दे पर कल सत्ता पक्ष के विधायकों ने राज्यपाल भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। मनोज जरांगे पाटील अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य में जगह-जगह आक्रामक आंदोलन देखने को मिल रहे हैं। आंदोलनकारी विधायकों की गाड़ियां रोकते, नेताओं का घेराव करते नजर आ रहे हैं। निर्वाचन क्षेत्रों में नागरिकों के गुस्से को देखते हुए कई विधायक अब मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे हैं। सत्ताधारी दलों के कुछ विधायकों ने कल मंगलवार दोपहर राज्यपाल भवन के बाहर महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन को लेकर राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने सत्ताधारी पार्टियों पर तंज कसा है। सांसद सुप्रिया सुले ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। मराठा आरक्षण मुद्दे पर कल सत्ता पक्ष के विधायकों ने राज्यपाल भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया और राज्यपाल से भी मुलाकात की। इसका अर्थ क्या है? सत्ता में बैठे विधायकों को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार पर भरोसा नहीं है क्या? खास बात यह है कि कल वैâबिनेट की अहम बैठक थी। मराठा आरक्षण पर चर्चा होनेवाली थी। सह्याद्रि गेस्ट हाउस (जहां वैâबिनेट की बैठक हुई थी) राजभवन से केवल पांच से छह मिनट की दूरी पर है, वहां विधायक विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन इनमें से कोई भी विधायक वहां नहीं गया।
सुप्रिया सुले ने कहा है कि सत्ता पक्ष के विधायकों ने सह्याद्रि गेस्ट हाउस छोड़कर गवर्नर हाउस के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इससे पता चलता है कि इन विधायकों को अब सरकार पर भरोसा नहीं है। इस सरकार में नीति को लकवा मार गया है, यह एक बार फिर साबित हो गया है। महाराष्ट्र में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए, ऐसा भी सुले ने कहा। इस बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को राज्यपाल भवन में राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री की अचानक हुई मुलाकात से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।