मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि अन्य सियासी दलों को कमजोर करने की उसकी नीति टिकाऊ नहीं है। उन्होंने भाजपा या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर कहा कि विपक्षी दलों को तोड़ने की राजनीति अब नहीं चलेगी।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात पर हैरानी जताई कि भाजपा के लोकसभा उम्मीदवारों की पहली सूची में नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ नेता का नाम शामिल नहीं था। जबकि, सूची में कृपाशंकर सिंह को सूची में जगह दी गई है, जो पहले धनशोधन मामले में आरोपी थे। कृपाशंकर सिंह को भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जौनपुर सीट से चुनावी मैदान में उतारा है।
एक दिन पहले भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए 195 सीट पर अपने उम्मीदवारों के नाम का एलान किया। हालांकि, पार्टी ने महाराष्ट्र की 48 सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। ठाकरे ने भाजपा या प्रधानमंत्री का नाम लिए बगैर कहा कि विपक्षी दलों को तोड़ने की राजनीति अब नहीं चलेगी। ‘जुमला’ का नाम बदलकर ‘गारंटी’ कर देना चाहिए।
सूची का जिक्र करते हुए उन्होंने केंद्रीय मंत्री गडकरी के साथ अपने पिछले सहयोग का जिक्र किया, जिन्होंने मुंबई-पुणे एक्सप्रेस को पूरा करने में तेजी दिखाई थी। इस परियोजना को शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने शुरू किया था।साल 2019 में एनडीए सरकार ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किया था। तब पार्टी के रुख पर असहमति जताते हुए उन्होंने 2019 में कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। बाद में वह 2021 में भाजपा में शामिल हो गए।
कृपाशंकर ने ठाकरे की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, मैं ऐसे व्यक्ति की टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं लेता, जिसका अपना कोई राजनीतिक दल नहीं है और जो मुख्यमंत्री के तौर पर ढाई साल के कार्यकाल में ढाई दिन भी कार्यालय न आया हो।





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