मुंबई: भाजपा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से आग्रह किया कि वे जांच कराएं कि क्या उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार के दौरान कोस्टल रोड से सटे खाली प्लॉट को बिल्डरों को सौंपने की कोई साजिश रची गई थी।
भाजपा के मुंबई प्रमुख आशीष शेलार ने यह मांग तब की जब राज्य सरकार ने रेस कोर्स और कोस्टल रोड के बीच 300 एकड़ की खुली जगह पर कोई व्यावसायिक निर्माण करने के बजाय उसके सौंदर्यीकरण और उसके पुनर्विकास का फैसला किया।
मुंबई में महालक्ष्मी रेस कोर्स की 120 एकड़ जमीन पर सेंट्रल पार्क बनाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही 180 एकड़ भूमि पर वृक्षारोपण व सौंदर्यीकरण की योजना है। इससे लोगों के लिए लगभग 300 एकड़ खुली भूमि उपलब्ध हो सकेगी।
शेलार ने कहा कि कोस्टल रोड परियोजना के लिए अनुमति मांगते समय, केंद्रीय पर्यावरण विभाग ने राज्य सरकार से लिखित गारंटी मांगी थी कि इस भूमि का उपयोग किसी भी व्यावसायिक गतिविधि के लिए नहीं किया जाएगा और न ही किसी भी तरह का निर्माण होगा।
शेलार ने पूछा,तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार और पर्यावरण मंत्री उनके बेटे आदित्य ठाकरे ने उस समय केंद्रीय पर्यावरण विभाग को लिखित गारंटी क्यों नहीं दी?। उन्होंने कहा कि सीएजी ने भी मामले में ध्यान आकर्षित किया था और इसके लिए पूर्व सरकार की आलोचना की थी। तत्कालीन पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने केंद्रीय मंत्रालय के कहने के बावजूद हलफनामा क्यों नहीं दिया?
उन्होंने पूछा, क्या इसके पीछे कोई निहित स्वार्थ था? क्या इसे बिल्डरों को सौंपने की साजिश थी? उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री को मामले की जांच करानी चाहिए।





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