मुंबई : प्लास्टिक के फूलों के इस्तेमाल पर पूरे राज्य में रोक लगाई गई है। पर्यावरण के लिए घातक माने जाने वाले इन फूलों के अलावा थर्माकोल से बनाए जाने वाले सजावटी सामानों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) ने हलफनामा दायर कर बॉम्बे हाईकोर्ट में यह स्पष्ट किया है। इस प्रतिबंध को लागू करने की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस महकमे को दी गई है। एमपीसीबी ने यह हलफनामा बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के तहत दायर किया है। कोर्ट ने पिछले दिनों कहा था कि प्लास्टिक के फूलों पर प्रतिबंध लगाने में उन्हें कोई बाधा नजर नहीं आती है। सरकार को इस संबंध में अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करना चाहिए। यह फूल पर्यावरण के अनुकूल नहीं है।
‘100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर बैन’
हलफनामे में उल्लेखित एमपीसीबी की 8 मार्च 2022 को जारी अधिसूचना के अनुसार, 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादन, वितरण, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाई गई है। बाजार में बिकने वाले प्लास्टिक के फूलों की मोटाई 30 माइक्रोन है। यह पर्यावरण के लिए हानिकारक है। इकोलॉजी पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्लास्टिक के फूलों को नष्ट करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा बायो डिग्रेडेबल वस्तुओं पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।





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