मुंबई : सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के उस निर्णय को स्थगित कर दिया है जिसमें मुंबई के कंजुरमार्ग इलाके की 120 हेक्टेयर जमीन को संरक्षित वन घोषित किया गया था। प्रदेश सरकार ने इस निर्णय को गलती बताया और सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को राहत देते हुए हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी।
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा कंजुरमार्ग इलाके के 120 हेक्टेयर भूमि को संरक्षित वन घोषित करने वाले फैसले पर शुक्रवार को अस्थायी रोक लगा दी। इसका मतलब है कि अब महाराष्ट्र सरकार और ग्रेटर मुंबई नगर पालिका इसे कचरा डालने के निजी सुविधा के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि यह भूमि पहले भी कचरा डाले जाने के लिए प्रयोग की जाती थी, और इसे संरक्षित वन घोषित करना एक प्रशासनिक ग़लती थी। बाद में इसे डी-नोटिफाई करने का निर्णय लिया गया, लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट ने उस आदेश को चुनौती दी और वह इसे खारिज करता हुआ इस क्षेत्र को संरक्षित वन घोषित कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद के दौरान यह सवाल उठाया कि अगर यह भूमि संरक्षण में है, तो सरकार और नगर निगम कचरे का निस्तारण कहाँ करेंगे? जब एक वरिष्ठ वकील ने जवाब देने में झिझक दिखाई, तो सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से पूछा कि आप बताइए—कचरा कहाँ गिराएँगे? यदि यह जमीन उपयोग के लिए प्रतिबंधित होगी, तो विकल्प क्या है? इस सवाल से स्पष्ट हुआ कि न्यायालय इस समस्या को गंभीरता से देखता है और उचित विकल्प की तलाश चाहता है।
इस विवाद की जड़ें काफी पुरानी हैं। साल 2013 में “वनशक्ति ट्रस्ट” नामक एक संस्था ने बॉम्बे हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। उन्होंने सरकारी निर्णय को चुनौती दी थी जिसमें कंजुरमार्ग इलाके को संरक्षित वन से डी-नोटिफाई किया गया। उच्च न्यायालय ने सरकार के पक्ष में आदेश दिए थे, लेकिन बाद में पुनः वन घोषित कर दिया गया। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगाकर हाई कोर्ट की दिशा पर सवाल खड़ा कर दिया है।





Users Today : 7
Users Yesterday : 57
Users Last 7 days : 393
Users Last 30 days : 870
Users This Month : 354
Users This Year : 9304
Total Users : 70511
Views Today : 7
Views Yesterday : 81
Views Last 7 days : 546
Views Last 30 days : 1132
Views This Month : 491
Views This Year : 10528
Total views : 106551
Who's Online : 0


