मुंबई : चार साल के इंतजार के बाद आखिरकार मुंबई मेयर का चुनाव 11 फरवरी को होगा। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी आ गई है। मेयर के लिए 7 फरवरी को नामांकन किया जाएगा। उप-महापौर का चुनाव भी उसी दिन होगा। 2022 में बीएमसी नगरसेवकों का कार्यकाल खत्म हो जाने के बाद से ही बीएमसी में जनप्रतिनिधि के बिना कामकाज चल रहा है। कमिश्नर को ही प्रशासक की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूरा चुनाव बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी की देखरेख में ही कराया जाएगा।
अगली बैठक में समिति सदस्यों के नाम का ऐलान किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष का चुनाव फरवरी के तीसरे सप्ताह में होने की उम्मीद है। इसके बाद ही बीएमसी का बजट पेश किया जाएगा। हर साल यह 5 फरवरी तक पेश किया जाता रहा है, लेकिन इस बार इसमें चुनाव के चलते देरी को देखते हुए राज्य सरकार से मंजूरी ली गई है।
मुंबई महापौर के लिए इन नामों की चर्चा
मेयर पद के लिए राजश्री शिरवडकर, रितु तावडे और शीतल गंभीर के नामों की चर्चा है। माना जा रहा है कि सत्ता बंटवारे में शिंदे सेना के कोटे में उप-महापौर के साथ सुधारसमिति, बेस्ट समिति का अध्यक्ष पद आ सकता है।
उप-महापौर शिंदे सेना का
बीजेपी के साथ सत्ता बटवारे में शिंदे सेना के कोटे में उप-महापौर के साथ सुधार समिति, बेस्ट समिति का अध्यक्ष पद आ सकता है। दोनों पार्टियों में सत्ता बंटवारे का फॉर्म्युला तय कर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। इससे पहले, एकत्रित शिवसेना के साथ गठबंधन में बीजेपी को भी यही पद मिलते रहे है।
राजश्री शिरवडकर, ऋतु तावडे या शीतल गंभीर?
सामान्य महिला के लिए आरक्षण मेयर पद के लिए राजश्री शिरवडकर, रितु तावडे और शीतल गंभीर के नामों की चर्चा है। रितु तावडे तीसरी बार नगरसेविका चुनी गई है। घाटकोपर से चुनी गई रितु शिक्षण समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी है। वहीं, राजश्री शिरवडकर भी तीसरी बार नगरसेविका चुनी गई है। उनके पति राजेश मुंबई बीजेपी के महामंत्री है। पिछले कार्यकाल में बतौर स्थायी समिति सदस्य उन्होंने कार्य किया था। शीतल गंभीर माहिम इलाके से दूसरी बार नगरसेविका चुनी गई है। वह बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी है और पूर्व विधायक सुरेश गंभीर की बेटी है। इसके अलावा, अलका केरकर, तेजस्वी घोसालकर, हर्षिता नार्वेकर, आशा मराठे, योगिता कोली के नामों की भी चर्चा है।
नए फ्रंट पर फैसला होगा जल्द
शिंदे सेना और एनसीपी के तीन नगरसेवकों का नया फ्रट बनाने की तैयारी है। इससे मनोनीत नगरसेवक के अलावा अन्य समितियों में महायुति के हिस्से एक अतिरिक्त नगरसेवक आ जाएगा, जो कि प्रस्ताव पास करने के लिए बहुमत जुटाने में मदद करेगा। मंगलवार को एनसीपी के तीन नगरसेवको का रजिस्ट्रेशन भी पूरा हो चुका है। दरअसल, कई समितियों में पक्ष और विपक्ष के सदस्यों की संख्या समान होने से आने वाले दिनों में वैधानिक अड़चन पैदा हो सकती थी। अब इस फ्रंट के बन जाने से इस तरह की दिक्कत नहीं आएगी। बीएमसी के कुल 19 प्रभागों में से आठ में उद्धव गुट के अध्यक्ष रहेंगे। यानी, बॉर्ड स्तर पर भी विपक्ष का दबदबा कायम रहेगा।





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