मुंबई : मनपा की राजनीति में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। शिवसेना की नगरसेविका व पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर को हुई पहली महासभा में औपचारिक रूप से विपक्ष का नेता घोषित किया गया। इसके साथ ही वे मुंबई मनपा के इतिहास में पहली महिला विपक्ष नेता बन गई हैं। एक मजबूत विपक्षी नेता के होने से जनता के मुद्दों को सुलझाने के लिए शिवसेना को ताकत मिलेगी।
किशोरी पेडणेकर के राजनीतिक सफर में यह दूसरा बड़ा पड़ाव है। मुंबई की सत्ता संरचना में ऐसा पहली बार होगा, जब महापौर पद पर भी महिला और विपक्ष के नेता पद पर भी महिला है। यह मनपा की राजनीति में ‘महिला नेतृत्व युग’ की शुरुआत मानी जा रही है। मुंबई मनपा में वर्ष २००० से विपक्ष नेता का पद अस्तित्व में है। पिछले २५ वर्षों में यह पद प्राय: कांग्रेस के पास रहा, लेकिन पहली बार शिवसेना के हिस्से आया है। सबसे अहम तथ्य यह है कि इतने लंबे कालखंड में कभी किसी महिला को यह जिम्मेदारी नहीं मिली थी। अब किशोरी पेडणेकर के चयन से मनपा की राजनीति में नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। जहां सत्ता और विपक्ष दोनों में महिलाओं की मजबूत मौजूदगी दिखेगी। मनपा चुनाव में भाजपा को ८९ सीटें मिली हैं। ऐसे में भाजपा के गटनेता को सभागृह नेता बनाया गया, वहीं ६५ सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही शिवसेना को विपक्ष का पद मिला है।





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