मुंबई : ईरान-इस्रायल-अमेरिका युद्ध के कारण पैदा हुए एलपीजी संकट से मुकाबले के लिए सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस के कनेक्शन पर जोर दे रही है। जिन इलाकों में या जिन इमारतों में पीएनजी की लाइन उपलब्ध है, वहां के लोग यदि इसका कनेक्शन नहीं लेते है, तो उनकी एलपीजी सिलिंडर आपूर्ति 3 महीने यानी 30 जून 2026 के बाद बंद कर दी जाएगी। हालांकि, जिन इलाकों में पीएनजी का इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, वहां यह नियम लागू नहीं होगा और एलपीजी सप्लाई शुरू रहेगी।
मंत्रालय में पीआईबी के अधिकारियों ने कहा, मुंबई, नागपुर, अहिल्यानगर में पीएनजी की बड़े पैमाने पर सप्लाई है। राज्य के 20-22 जिलों में पीएनजी नेटवर्क पहुंचा है अन्य जिलों में इसे बढ़ाया जा रहा है।
महाराष्ट्र में 43.4 लाख पीएनजी कनेक्शन
आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में 43.4 लाख पीएनजी कनेक्शन है। यह देश में कुल पीएनजी कनेक्शन का करीब 26% है। सरकार को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कनेक्शन की संख्या में इजाफा होगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के जरिए गाइडलाइंस जारी की है।
मुंबई के स्लम में पीएनजी पहुंचाना बड़ी चुनौती
मुंबई में लगभग 60% आबादी स्लम में रहती है, वहां पीएनजी पहुंचाना चुनौती है। इस सवाल के जवाब में अधिकारी ने कहा, सभी जगह पीएनजी पहुंचाना मुश्किल है। जहां इन्फ्रास्ट्रक्चर संभव है वहां पीएनजी का जाल बिछाया जाएगा।
बारिश में भी लाइन के लिए हो सकेगी खुदाई
सरकार का कहना है कि मुंबई में पीएनजी लाइन के लिए बारिश के दिनों में भी खुदाई का काम शुरू रह सकता है। पाइपलाइन बिछाने के लिए बीएमसी, पीडब्ल्यूडी सहित अन्य एजेसियों को अप्लाई करने के 24 घंटे के भीतर परमिशन देनी होगी।





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