मुंबई : हर जगह डिजिटल टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से सरकारी एजेंसियों पर साइबर अटैक का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे अटैक से सेंसिटिव जानकारी लीक होने या डेटा ब्रीच होने की संभावना रहती है। इसी को देखते हुए, ‘सर्ट-इन’ (द इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम) ने केंद्र सरकार के निर्देश पर साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। बताया गया है कि पिछले तीन सालों में सरकारी संस्थानों और पब्लिक सेक्टर के संगठनों में 40,000 से ज़्यादा साइबर सिक्योरिटी ऑडिट किए गए हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये ऑडिट भी लगातार बढ़ रहे हैं।
सर्ट-इन एक नेशनल संगठन है जो देश में साइबर सिक्योरिटी घटनाओं पर नज़र रखता है और उन पर कार्रवाई करता है। सरकारी संस्थानों पर साइबर अटैक के खतरे को ध्यान में रखते हुए, सर्ट-इन ने अलग-अलग सरकारी विभागों के डिजिटल सिस्टम का रेगुलर ऑडिट करने की पहल की है। ये ऑडिट कंप्यूटर सिस्टम, सर्वर, नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में सिक्योरिटी की कमज़ोरियों को पहचानने और उन्हें ठीक करने में मदद करते हैं। इससे संभावित साइबर अटैक को रोकने में मदद मिलती है।
ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, 2023 में केंद्र और राज्य सरकार के डिपार्टमेंट में 9,772 साइबर सिक्योरिटी ऑडिट किए गए। 2024 में यह संख्या बढ़कर 12,176 हो गई, जबकि 2025 में 18,667 साइबर सिक्योरिटी ऑडिट किए गए। सिर्फ तीन साल में 40,615 साइबर ऑडिट किए गए हैं। इसके जरिए सरकारी एजेंसियों, राज्य सरकारों और पब्लिक सेक्टर कंपनियों के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच करके उनके सिक्योरिटी लेवल को मजबूत किया गया है।





Users Today : 3
Users Yesterday : 7
Users Last 7 days : 61
Users Last 30 days : 282
Users This Month : 110
Users This Year : 2892
Total Users : 64099
Views Today : 9
Views Yesterday : 11
Views Last 7 days : 84
Views Last 30 days : 386
Views This Month : 143
Views This Year : 3458
Total views : 99481
Who's Online : 0


