Home Maharashtra मीरा-भाईंदर : सड़क हैं या डंपिंग स्पॉट, सूखा कचरा-गीला कचरा मुहिम फेल

मीरा-भाईंदर : सड़क हैं या डंपिंग स्पॉट, सूखा कचरा-गीला कचरा मुहिम फेल

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मीरा-भाईंदर : इसे प्रशासन की नाकामी कहें या स्थानीय निवासियों का गैरजिम्मेदाराना रवैया कि मीरा-भाईंदर में कचरे का निबटान नहीं हो रहा। जगह-जगह पर सड़कों पर कचरे का ढेर दिखाई दे रहा है। इन कचरों के कारण परिसर में रहनेवाले निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के कई इलाकों में स्थानीय निवासी ही खुद सड़कों पर कचरा फेंकते हैं। प्रधानमंत्री के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की खुलेआम धज्जियां उड़ाने में संकोच नहीं। तस्वीर में जीसीसी क्लब रोड में एक विदेशी मूल की महिला सड़क पर कचरा फेंकते हुए साफ दिखाई दे रही है। स्थानीय निवासी लक्ष्मण पाल ने बताया कि इस क्षेत्र में कचरा उठाने वाली गाड़ी आती ही नही है।
संत ग्रेगोरिअस चर्च रोड के स्थानीय निवासी पीटर की मानें तो उनके क्षेत्र में एक-दो दिन के अंतराल पर कचरा उठाने वाली गाड़ियां आती हैं। पीटर बताते हैं कि लोग मजबूरी में सड़कों पर कचरा फेंकते हैं। मनपा प्रशासन स्वच्छता के प्रति लापरवाह है। सड़कों पर जमा कचरे के कारण आसपास के क्षेत्रों में बदबू फैल रही है। मनोज पांडेय बताते हैं कि बदबू के कारण सड़क के आसपास से गुजरना मुश्किल हो जाता है। विगत कुछ दिनों से शहर की सड़कों पर कुछ ज्यादा ही कचरा दिख रहा है। उपायुक्त संभाजी पानपट्टे बताते हैं कि हम ‘सूखा-गीला कचरा मुहिम’ सख्ती से लागू कर रह रहे हैं। जिन सोसाइटियों में सूखा-गीला कचरे का वर्गीकरण नहीं होता, वहां से कचरा नहीं उठाया जा रहा है और उन्हीं सोसाइटी के लोग कचरा सड़कों पर फेंक रहे हैं। जल्द ही इन सबके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता प्रेम यादव मनपा के दावों को झूठा बताते हैं। प्रेम की मानें तो कचरा ढोने वाली गाड़ियों की फेरी संख्या घटने से ही यह स्थिति निर्माण हुई है। वे बताते हैं कि अभी कुछ दिन पहले ही यातायात विभाग ने कचरा ढोने वाली दर्जनों गाड़ियों पर कार्रवाई की थी।