नई दिल्ली : भारत में शुक्रवार यानी 20 नवंबर तक कोरोनावायरस संक्रमण के कुल मामले 90 लाख के पार हो चुके हैं. शुक्रवार की सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में Covid-19 के 45,882 नए केस दर्ज किए गए गए हैं. इसके साथ ही देश में कोरोना के अब तक कुल 90,04,365 मामले दर्ज किए जा चुके हैं.
किन वजहों से मुंबई कोरोना पर जीत की ओर, दिल्ली में बढ़ते जा रहे केस
नई दिल्ली/मुंबई. सर्द मौसम और प्रदूषण का असर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोनावायरस (Coronavirus) के मामले पाए जाने पर पड़ रहा है. दिल्ली एक समय में दो हेल्थ इमरजेंसी का सामना कर रही है. एक ओर जहां प्रदूषण है तो वहीं कोरोना के बढ़ते मामले राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी असर डाल रहे हैं. फिलहाल दिल्ली की हालत ठीक उसी तरह लग रही है जैसे भारत में कोरोना के शुरुआती दिनों में मुंबई की थी. दोनों महानगरों को कोरोना ने बुरी तरह प्रभावित किया. एक ओर जहां मुंबई में स्थितियां ठीक हो रही हैं तो वहीं दिल्ली अभी भी बुरी तरह घिरा हुआ है.
25 जून को दिल्ली कोरोना वायरस के मामलों में मुंबई को पीछे कर दिया. इसकी सामान्य वजह है कि मुंबई में कोविड के मामले नियंत्रित हुए जबकि दिल्ली में नए मामलों में तेजी जारी है. मुंबई लगभग पांच महीने तक कोविड हॉटस्पॉट बना रहा. लेकिन एशिया की सबसे बड़े स्लम एरिया धारावी में कोरोना नियंत्रित होने के साथ ही आज पूरी मुंबई में हालत सुधार के स्तर पर हैं और यह रोल मॉडल की तरह पेश किया जा रहा है.
दूसरी ओर, दिल्ली अभी भी मामलों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के तरीकों पर तैयारी चल रही है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही पार्शियल लॉकडाउन का सुझाव दिया है. मुंबई में एक्टिव केस की संख्या लगभग 11,000 है, जबकि दिल्ली में यह लगभग 42,000 है. हालांकि मुंबई में कोविड से मरने वालों की संख्या दिल्ली की तुलना में लगभग 3,000 अधिक है.
विशेषज्ञों का मानना है कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा त्योहारी सीजन में भी लॉकडाउन में ढील नहीं देने से परिस्थितियां और ज्यादा गंभीर नहीं हुई. विपक्ष के दबाव के बाद भी राज्य में स्कूल, धर्म स्थल, मॉल, सिनेमा हॉल , रेस्तरां और लोकल ट्रेन्स की परमिशन नहीं दी गई. इसके बजाय सरकार ने लॉकडाउन की नियमावली जारी कर दी. समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. ऐसा शायद पहली बार हुआ जब गणेशोत्सव के दौरान मुंबई ने इतना संयम दिखाया. सामूहिक दिवाली समारोह पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था. समुद्र तटों पर छठ पूजा की भी रोक लगा दी गई.





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