मुंबई : वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर राइडर हमेशा से पुलिस, हाइवे से गुजरनेवाले वाहन चालकों एवं स्थानीय लोगों के लिए सिरदर्द बनते रहे हैं। इन बाइकरों में रफ्तार के शौकीनों के साथ-साथ बड़ी संख्या में मनचले एवं अपराधी प्रवृत्ति के ऐसे लोग भी रिहर्सल के लिए आते हैं, जो तेज रफ्तार से बाइक चलाकर चेन स्नैचिंग एवं दूसरी आपराधकि वारदातों को अंजाम देने की मंशा रखते हैं। ऐसा अतीत में हाइवे से सटे पुलिस थानों की जांच में खुलासा हो चुका है। बताया जाता है कि बाइकर अपनी मोटरसाइकिलों को अवैध ढंग से मोडिफाई करवाकर उसकी रफ्तार बढ़वा लेते हैं। तेज रफ्तार से शोर मचाते हुए चलनेवाली ऐसी मोटरसाइकिलों की शिकायत आस-पास रहनेवाले लोग भी पुलिस से करते रहे हैं। इन बाइकरों को रोकने के लिए वैसे तो पुलिस लगातार प्रयास करती रही है लेकिन फिर भी बाइकर बाज नहीं आते हैं। परंतु वाकोला पुलिस ने हाइवे पर महिलाओं को छेड़नेवाले एक्टिवा चालक और उसके साथी को वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की मदद से गिरफ्तार करके ये संदेश दे दिया है कि अब उनकी खैर नहीं है। पुलिस उन्हें ढूंढ़ सकती है। इससे राइडरों में हडकंप मच गया है।
बता दें कि सांताक्रुज निवासी एक परिवार गुरुवार की रात १०.३० बजे कार में प्रभादेवी की ओर जा रहा था। उसी दौरान एक्टिवा स्कूटर पर सवार दो लोग उनका पीछा करने लगे। वे लोग स्कूटर पर स्टंटबाजी तो कर ही रहे थे। इसके अलावा कार में सफर कर रहे पीड़ित परिवार की महिलाओं को आपत्तिजनक इशारे भी कर रहे थे। वो महिलाओं पर अश्लील फब्तियां कस रहे थे। पीड़ित ने सतर्कता दिखाते हुए उन बाइकरों की हरकत अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करके वायरल कर दिया था, इस पर संज्ञान लेते हुए वाकोला पुलिस ने वरिष्ठों के मार्गदर्शन में बाइकरों की तलाश शुरू की। वाकोला पुलिस थाने की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनयना नटे ने बताया कि वाकोला पुलिस की टीम ने अंधेरी से माहिम के बीच २७ सीसीटीवी वैâमरों के फुटेज खंगाले। पुलिस की मेहनत रंग लाई और उन्हें आरोपी राइडरों द्वारा चलाई जा रही एक्टिवा स्कूटर का नंबर मिल गया। पुलिस उस एक्टिवा स्कूटर क्रमांक एमएच ०२ ईएन ७१२५ के सहारे एक्टिवा चालकों तक पहुंच गई। पुलिस ने इस मामले में एक्टिवा चालक कुणाल सुभाष सिंह एवं उसके साथी ऋषभ कृपाशंकर सिंह को दबोच लिया। वाकोला पुलिस थाने की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनयना नटे ने कहा कि हाइवे पर नियमों का उल्लंघन करके अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालनेवालों को इससे समझ लेना चाहिए कि उनकी गलत हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम तोड़नेवाले एवं दूसरों के लिए परेशानी खड़ी करनेवाले बचेंगे नहीं उन्हें ढूंढ़ा जा सकता है। कुणाल और ऋषभ की गिरफ्तारी इसका उदाहरण है।





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