मुंबई, महाराष्ट्र सरकार का वार्षिक बजट सोमवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश होगा। उप मुख्यमंत्री अजित पवार विधानसभा व वित्त राज्यमंत्री शंभूराद देसाई विधान परिषद में दोपहर 2 बजे वर्ष 2022-22 का बजट पेश करेंगे। महा विकास अघाड़ी सरकार का ये दूसरा बजट है। पिछले वर्ष, अजीत पवार ने 9,500 करोड़ रुपये के घाटे का बजट पेश किया था। वित्त मंत्री के सामने इस बार कोरोना संकट, कर्ज का बोझ, सरकारी खजाने में कमी, करों को बढ़ाए बिना राजस्व घाटे को कम करना, ऐसे कई मुद्दे चुनौती के तौर पर खड़े हैं।
उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने रविवार को बताया कि इस वर्ष महाराष्ट्र के बजट में एक लाख करोड़ रुपये की कमी हो सकती है। पवार ने पत्रकार वार्ता में बताया कि केंद्र सरकार को ‘एक राष्ट्र, एक कर’ कार्यक्रम के तहत इस वर्ष के लिये महाराष्ट्र को 25 हजार करोड़ रुपये का बकाया जारी करना अभी शेष है। लेकिन अब पैसा भेजना शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया इस तरह की कमियां भविष्य में होने वाले विकास कार्यो पर प्रभाव डालती हैं।
मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में विकास दर में 8 फीसद की गिरावट दर्ज की गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष के बजट का झुकाव गांव, गरीब, किसान, महिलाओं, युवाओं की तरफ हो सकता है। बता दें कि इस वर्ष राज्य में कई महानगरपालिकाओं के चुनाव भी होने वाले हैं। इन शहरों में के लिए इस बजट में ज्यादा पैसा मिल सकता है। कोरोना संक्रमण का कहर दोबारा इस राज्य पर मंडराना शुरू हो गया है जिसे देखते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी अधिक ध्यान देने की जरूरत है। कोरोना महामारी के चलते राज्य में नई योजनाओं को लेकर कटौती हो सकती है।





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