मुंबई : गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सचिन वाझे को प्रति महीने १०० करोड़ रुपए वसूली का टार्गेट दिया था। इस तरह का गंभीर आरोप मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह ने लगाया है। परमवीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस संबंध में एक विस्तृत पत्र लिखकर भेजा है और बताया है कि किस तरह बार, रेस्टोरेंट और अन्य माध्यमों से पैसे इकट्ठे किए जाते थे।
सचिन वाझे क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के हेड थे। देशमुख ने वाझे को कई बार अपने ज्ञानेश्वरी निवास स्थान पर बुलाया था। उस समय हर महीने १०० करोड़ रुपए जमा करने का निर्देश उन्होंने दिया था। फरवरी महीने में भी देशमुख ने ऐसा निर्देश दिया था। उस समय देशमुख के पर्सनल सेक्रेटरी रहे पलांडे भी उपस्थित थे। घर के एक-दो कर्मचारी भी वहां उपस्थित थे, ऐसा सिंह ने अपने पत्र में लिखा है। हर महीने १०० करोड़ रुपए किस तरह से इकट्ठे किए जाएं यह देशमुख ने उन्हें बताया था। मुंबई में १,७५० बार और रेस्टोरेंट्स हैं। उनमें से प्रत्येक से दो से तीन लाख रुपए इकट्ठे किए तो भी एक महीने में ४० से ५० करोड़ रुपए आसानी से जमा हो जाएंगे, ऐसा देशमुख ने वाझे से कहा था।
गृह मंत्री अनिल देशमुख ने परमवीर सिंह के आरोपों को झूठा और आधारहीन बताया है। उन्होंने कहा कि फरवरी महीने में जब वाझे से मेरी चर्चा हुई थी तब परमवीर सिंह ने इसका खुलासा क्यों नहीं किया? मानहानि का मुकदमा करूंगा। मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से बताया गया है गृह रक्षक दल के कमांडेंट जनरल परमवीर सिंह के नाम से पत्र मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकृत ई-मेल पर मिला है। इस ई-मेल पर परमवीर सिंह का केवल नाम लिखा हुआ है लेकिन हस्ताक्षर नहीं हैं। पत्र की जांच की जा रही है। साथ ही सिंह से गृह विभाग के मार्फत संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।





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