वसई : पिछले 2020 के लॉकडाउन से भीषण मंदी झेलने के बाद 2021 में अपनी स्थिति सुधारने में जुटे मुंबई अहमदाबाद हाइवे किनारे स्थित होटल, ढाबा व रेस्तरां वालों की अब फिर से कोरोना व नाइट कर्फ्यू ने मुश्किल खड़ी कर दी है। सरकार की नई गाइड लाइन से होटल व्यापारियों में भारी नाराजगी है। जानकारी के अनुसार मुंबई अहमदाबाद हाइवे किनारे के होटल 2020 के लॉकडाउन में पूरी तरह बंद थे, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। 2021 शुरू होते ही कोरोना संक्रमण में कमी आने के बाद होटल वालों ने राहत महसूस की। लेकिन मार्च में कोरोना की दूसरी लहर ने फिर से उनके धंधे पर कहर बरपा दिया। 28 मार्च से नाईट कर्फ्यू लगने के बाद उन्हें काफी नुकसान होने लगा है। सरकार की नई गाइड लाइन में होटलों को सुबह 7 से रात 8 बजे तक ही खुले रहने की परमिशन दी गई है। इससे होटल व्यवसायी काफी नाराज हैं।
होटल व्यवसायी अनिल सिंह ने बताया कि हाइवे पर रात को ही होटल में धंधा होता है। 8 बजे बंद करने से होटल का किराया, कर्मचारियों का वेतन कहां से देंगे। नाईट कर्फ्यू लगने से एक बार फिर होटल व्यवसायी भुखमरी की कगार पर आने लगे है। होटल मालिक जैनेंद्र दुबे ने बताया कि होटल में अधिकतर लोग रात 9 बजे के बाद ही खाना खाने आते थे। कर्फ्यू लगने से लोग पुलिस की डर से होटलों में नहीं आ रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर ने फिर से होटल व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। होटल में काम करने वाले कर्मचारी भी डरे डरे हुए है। उन्हें लॉकडाउन लगने का डर सताने लगा है। सरकार की नई गाइड लाइन से नाराज होटल वालों ने पिछले दो दिन सभी होटल बंद रखे। दुबे ने बताया कि हाइवे पर कम से कम रात 10 बजे तक बजे तक खुले रहने की अनुमति देनी चाहिए। वैसे भी होटलों में सैनेटाइजर व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाता है।





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