Home Maharashtra लोकल में चल रहे सिर्फ १० फीसदी यात्री!

लोकल में चल रहे सिर्फ १० फीसदी यात्री!

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मुंबई, राज्य सरकार के बंधनों के कारण शहर और राज्य में संचारबंदी का दौर जारी है। स्थिति ये है कि जिस लोकल में रोजाना ८० लाख यात्री रोजाना चलते थे, अब वहां सिर्फ १० प्रतिशत यात्री ही चल रहे हैं। वर्तमान में मध्य रेलवे पर रोजाना करीब ५ लाख तो पश्चिम रेलवे पर ३ लाख के करीब यात्री सफर कर रहे हैं। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगले एक महीने तक यही स्थिति रहनेवाली है। स्कूल-कॉलेजों की छुट्टियां शुरू होने के कारण ऐसा होगा।
राज्य सरकार ने जब ३० अप्रैल तक संचारबंदी लगाई, तब रोजाना करीब ९-१० लाख यात्री चल रहे थे। संचारबंदी को १५ मई तक विस्तारित करने के बाद अब ८ लाख के करीब यात्री बचे हैं। ये स्थिति नवंबर २०२० जैसी है, जब सामान्य लोगों को उपनगरीय ट्रेनों में अनुमति नहीं थी। लॉकडाउन के दौरान कामकाजी दिनों में अतिआवश्यक सेवाओं से जुड़े लोग चल रहे हैं तो शनिवार और रविवार को इनकी भी कमी दिखाई दे रही है। मध्य रेलवे पर गत शनिवार ४ लाख तो रविवार को २.५ लाख लोगों ने यात्रा की, पश्चिम रेलवे पर भी ये आंकड़ा २ लाख यात्री के करीब रहा। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकारी दफ्तरों में भी कर्मचारियों की संख्या निश्चित करने का परिणाम दिखाई दे रहा है।
राज्य सरकार के निर्देश के बाद स्टेशनों पर पहचान पत्र देखने के बाद ही लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है। पिछले सप्ताह कई गैर जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को रोका गया और जीआरपी, आरपीएफ द्वारा कार्रवाई भी की गई।
पिछले महीने ही रेलवे बोर्ड ने संक्रमण को नियंत्रण करने के लिए लापरवाह यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक बड़ा पैâसला लिया था। रेलवे ने टिकट निरीक्षकों को लापरवाह यात्रियों के खिलाफ जुर्माना करने का अधिकार दिया था। ये अधिकार मिलने के बाद मध्य रेलवे मुंबई डिविजन में १७ अप्रैल से ३० अप्रैल तक ४४६ यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इन यात्रियों से जुर्माने के तौर पर कुल ७७ हजार रुपए वसूले।
मध्य रेल के मुंबई मंडल ने अप्रैल २०२१ में उपनगरीय ट्रेनों में सघन और नियमित टिकट चेकिंग अभियान चलाया। इन जांच के दौरान, बिना टिकट / अनियमित यात्रियों के ४२,८५८ मामले उपनगरीय ट्रेनों में पकड़े गए और उनसे १ करोड़ २० लाख रुपए की राशि वसूल की गई। मध्य रेल ने बोनाफाइड रेल उपयोगकर्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने और बिना टिकट यात्रा पर अंकुश लगाने के के लिए अभियान चलाया है। राज्य सरकार द्वारा अधिकृत व्यक्तियों को उपनगरीय ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति है।