Home Crime फर्जी डॉक्टरों की बाढ़! ६२ के खिलाफ की गई कार्रवाई

फर्जी डॉक्टरों की बाढ़! ६२ के खिलाफ की गई कार्रवाई

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वसई, बिना किसी मेडिकल डिग्री के इलाज के नाम पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करनेवाले झोलाछाप डॉक्टरों की वसई-विरार शहर में बाढ़ आ गई है। ऐसे डॉक्टर यहां फिर सक्रिय हो गए हैं। मौसम के बदलाव में शहर के लोग छोटी-बड़ी बीमारी से परेशान हैं। कोरोना माहमारी के कारण लोगों की जेबें भी तंग हैं। ऐसे में एक बार फिर ये झोलाछाप डॉक्टर शहर में अपना जाल फैलाने लगे हैं। ये कम पैसे में इलाज करते हैं इसलिए अधिकतर मरीज इन झोलाछाप डॉक्टरों से ही इलाज कराते हैं।
दरअसल, शहर में स्वास्थ्य विभाग केंद्र में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी और बढ़ती मरीजों की संख्या के कारण लोग बिना डिग्री-डिप्लोमा के क्लीनिक संचालित कर रहे इन झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर हो रहे हैं। झोलाछाप डॉक्टरों ने भी हर गली-मोहल्ले में अपने क्लीनिक खोल लिए हैं। जहां वह कम पैसों में मरीज का उपचार कर उनके जीवन से खिलवाड़ करने में लगे हैं। लेकिन लंबे समय से संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कार्रवाई न किए जाने से इनकी संख्या में हर साल इजाफा हो रहा है। कुछ ऐसे झोलाछाप भी हैं, जो बड़े डॉक्टरों के नर्सिंग होम में कुछ दिन कंपाउंडरी करने के बाद अब क्लीनिक चला रहे हैं। स्थिति यह है कि इनके पास न तो कोई डिग्री है, न कोई इलाज करने का लाइसेंस फिर भी यह लोगों का इलाज कर रहे हैं। यह वसई-विरार शहर मनपा स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी एवं निष्क्रियता को उजागर कर रहा है। जब झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से मरीज के साथ कोई घटना घटित होती है, तब शासन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग जागता है।
इस बारे में मनपा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेखा वालके ने बताया कि कार्रवाई को केवल कोविड अवधि के दौरान धीमा किया गया था, पिछले साल ही झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की गई थी। मनपा की सूची में फिलहाल १,१२३ अस्पताल ही पंजीकृत हैं। अब तक ६२ डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पिछले महीने मनपा ने नालासोपारा में एक डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका अस्पताल बंद किया था। शहर में फर्जी डॉक्टरों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। कोविड के दौरान मनपा द्वारा फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बदलते मौसम और बारिश में कई फर्जी डॉक्टर दुकान लगा रहे हैं। शहर के तंग गालियों में ये डॉक्टर बिना लाइसेंस के अपना क्लीनिक चला रहे हैं। ये डॉक्टर सामान्य पूंजी में निवेश में अपनी फर्जी डॉक्टर की दुकान चला रहे हैं।