मुंबई, लोन कई तरह से लिए और दिए जाते हैं, इसलिए ठग भी लोन लेने के लिए अलग-अलग तरह की मोडस ऑपरेंडी अपनाते हैं। साइबर पुलिस स्टेशन, वरली ने फर्जी दस्तावेज पर वाउचर लोन लेने के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। सीनियर इंस्पेक्टर संजय गोविलकर ने एनबीटी को बताया कि इस रैकेट से जुड़े 16 आरोपियों में 5 को उनकी टीम ने गिरफ्तार किया है, शेष की तलाश जारी है।
इस केस में जिस कंपनी ने शिकायत की है, उसे 26 लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगाई गई। यह कंपनी ऐप के जरिए लोन देती है। इसके लिए लोन लेने के इच्छुक व्यक्ति का आधार कार्ड, पैन कार्ड मंगाया जाता है। बाद में उसे ई-वाउचर के स्वरूप में लोन दिया जाता है। ई-वाउचर का कोड लोन की डिमांड करने करने वाले व्यक्ति को उसके मोबाइल नंबर पर डायरेक्ट भेज दिया जाता है।
आरोपियों ने अलग-अलग नाम से फर्जी पैन कार्ड, आधार कार्ड बनवाए और शिकायतकर्ता कंपनी को वाउचर लोन लेने के लिए वास्ते भेज दिए। कंपनी ने अर्जी देने वालों के मोबाइल नंबर पर ई-कॉमर्स कंपनियों के ई-वाउचर भेज दिए। आरोपियों ने इसके बाद अमेजॉन व अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों से गोल्ड क्वॉइन्स, टीवी, फ्रीज, वॉशिंग मशीन जैसे महंगे सामान खरीदे और उन्हें सस्ते रेट पर बाजार में बेच दिए। दूसरी ओर, जिस कंपनी से उन्होंने ई-वाउचर लोन लिया, उसे किस्त भी नहीं भरी। इसके बाद संबंधित कंपनी ने जब ऐसे लोन धारकों से उनके बताए अड्रेस पर संपर्क किया, तो सभी अड्रेस फर्जी निकले।





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