मुंबई : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में शनिवार देर रात से शुरू हुई तेज बारिश के कारण महानगर में कई स्थानों पर भूस्खलन व मकान गिरने से अब तक करीब 30 लोगों की जान जा चुकी है। मुंबई को जलापूर्ति करनेवाले जलशोधन केंद्र व पंपिंग स्टेशन में भी बारिश का पानी भर जाने के कारण महानगर में पेयजल का भी संकट पैदा हो गया है। मुंबई शनिवार रात 11 बजे से भारी बरसात शुरू हो गई गई थी, जो सुबह चार बजे तक लगातार चलती रही। राज्य सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे के अनुसार कुछ इलाकों में तो सिर्फ तीन घंटे में 200 मिमी से अधिक बरसात हुई, जोकि अतिवृष्टि की श्रेणी में आती है। इसे बादल फटने जैसी घटना कहा जा सकता है। मुंबई के कई इलाके ऐसे रहे, जहां 220 मिमी. से भी अधिक बरसात हुई। जिसके कारण मुंबई में 11 स्थानों पर भूस्खलन या मकान ढहने की घटनाएं हुईं। चेंबूर क्षेत्र के न्यू भारत नगर में भूस्खलन के बाद एक दीवार ढह जाने से अब तक 20 लोग मारे जा चुके हैं। इसी प्रकार विक्रोली में एक दोमंजिला घर गिरने से नौ लोगों की जान गई एवं भांडुप में एक दीवार गिरने से एक युवक के मारे जाने की खबर है।
रात भर चली भारी बारिश के कारण मुंबई की दोनों बरसाती नदियां मीठी नदी एवं दहिसर नदी उफान पर हैं। इनके आसपास के इलाकों में भूतल पर रहने वाले लोगों के घरों में पानी भर गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से जलभराव वाले इलाकों से पानी खींचकर समुद्र में फेंकने के लिए कई भारी पंपिंग सेट्स की व्यवस्था की गई थी। लेकिन रविवार सुबह करीब पांच बजे समुद्र में ज्वार का समय होने के कारण ये पंपिंग सेट भी जलभराव रोकने में कामयाब नहीं हो सके। भारी बरसात का असर मुंबई से सटे ठाणे एवं पालघर जिलों में भी देखने को मिला। ठाणे के मीरा रोड में पालघर के वसई क्षेत्र में इमारतों के भूतल में तीन-चार फुट तक पानी भर गया। रविवार को दिन में भी भारी बरसात होने के कारण जलभराव वाले इलाकों में अब भी पानी भरा हुआ है।
भारी बरसात का असर मुंबई को जलापूर्ति करनेवाले भांडुप स्थित जलशोधन केंद्र एवं पंपिंग स्टेशन पर भी पड़ा। पंपिंग स्टेशन में रात को ही बरसाती पानी घुसने लगा। एहतियातन सुबह करीब 2.40 बजे पंपिंग स्टेशन की विद्युत आपूर्ति भी काटनी पड़ी। जिसका असर मुंबई की जलापूर्ति पर भी पड़ रहा है। बीएमसी द्वारा निर्देश जारी कर मुंबईवासियों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है। पंपिंग स्टेशन को दुरुस्त करने का काम अभी भी चल रहा है। रविवार होने कारण ज्यादातर मुंबईवासी घर पर ही रहे। लेकिन जो निकले, उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पश्चिम रेलवे की लोकल ट्रेनें रुक-रुक कर चलती रहीं। किंतु मध्य एवं हार्बर रेलवे की लोकल ट्रेनें पटरी पर पानी भर जाने के कारण बाधित हुईं। बारिश के कारण हुई दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को राज्य सरकार द्वारा पांच-पांच लाख रुपये एवं केंद्र सरकार द्वारा दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, पालघर, पुणे एवं कोकण क्षेत्रों में अगले 24 घंटे भी तेज बारिश की संभावना जताई है।
भारी बारिश के कारण लोकल ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद देने की घोषणा की है। चेंबूर में घटनास्थल पर चल रहे राहत कार्य को देखने के लिए महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आदित्य ठाकरे और नवाब मलिक पहुंचे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर लिखा कि मुंबई के चेंबूर और विक्रोली में भारी वर्षा के कारण हुए हादसों में कई लोगों के हताहत होने की खबर से अत्यंत दुःख हुआ। शोक-संतप्त परिवारों के प्रति मैं संवेदना व्यक्त करता हूं तथा राहत व बचाव कार्य में पूर्ण सफलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने मूसलाधार बारिश के कारण चेंबूर और विक्रोली में दुर्घटनाओं में हुई मौतों पर दुख व्यक्त किया है और घोषणा की है कि सरकार मृतकों के उत्तराधिकारियों को 5 लाख रुपये देगी और घायलों को मुफ्त इलाज दिया जाएगा।





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