Home Crime बाढ़ के बाद CM ठाकरे को अपनी व्यथा सुनाने उमड़ी भीड़

बाढ़ के बाद CM ठाकरे को अपनी व्यथा सुनाने उमड़ी भीड़

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मुंबई, आपके दुकानों के सामानों का सत्यानाश हो गया, इसकी चिंता आप ना करें. शुक्र है आपको कुछ नहीं हुआ. आप सुरक्षित हैं ना, आपके माल का जो नुकसान हुआ है, उसका क्या करना है. वह आप हम पर छोड़िए. ये वो शब्द हैं जो मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चिपलून के लोगों से कहे.
महाराष्ट्र में गुरुवार से हो रही अत्यधिक बरसात ने कहर ढाया है. रविवार को जल सैलाब तो थम गया था लेकिन मुख्यमंत्री के चिपलून पहुंचते ही जनसैलाब उमड़ पड़ा, टूट चुके लोगों ने फूट-फूट कर रोते हुए अपनी करुण व्यथाएं सुनाईं. एक महिला दुकानदार मुख्यमंत्री को देखते ही रोती-चीखती हुई यह कहने लगी कि ‘साहेब हमें आश्वासन नहीं चाहिए, हमें चाहिए मदद, पानी हमारी दुकान के छत के ऊपर तक गया था… हमारे पास जो कुछ था, नहीं था, सब गया…आप हमारी मदद किए बिना नहीं जाना…हमें छोड़ कर ना जाना…कुछ भी कीजिए, विधायकों-सांसदों के दो महीनों के वेतन रोकिए लेकिन हमारी मदद कीजिए’ और वो महिला रोती रही..बस रोती रही..मुख्यमंत्री उन्हें देखते रहे, हाथ जोड़ लिए..
मुख्यमंत्री चिपलून के बाजार में पैदल घुम रहे थे कि इतने में एक व्यापारी ने चीखते हुए कहा, ‘ साहेब हम तबाह हो चुके हैं, हमारा सारा माल खराब हो गया है… हमारे ऊपर कर्ज है… साहेब आप हमारे माई-बाप हैं.. जिस तरह फसल खराब होने पर किसानों को कर्ज माफी दी जाती है, उसी तरह हमारे कर्ज माफ करवा दें…फिर से खड़े होने के लिए दो प्रतिशत की दर से कर्ज दें…हम फिर कभी आपसे कोई और भीख नहीं मांगेंगे… ‘
मुख्यमंत्री इस सवाल पर कोई जवाब नहीं दे पाए. बस सर हिला पा रहे थे. स्थानीय लोगों की, व्यापारियों की चीख-पुकार इतनी तेज थी कि मुख्यमंत्री की जबान काम नहीं कर पा रही थी, उन्हें अब ऐक्शन से ही कुछ कर दिखाना पड़ेगा, यह उन्हें भी समझ आ रहा था. लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि आप अपने नुकसान की चिंता ना करें, आपको अपने पैरों पर खड़े करने की जिम्मेदारी सरकार की है.