ठाणे, शहर में ऐसे दर्जनों डोंगर (पहाड़ी) हैं, जिनमें मानसून के दौरान भूस्खलन का खतरा है। संभावित खतरों से निपटने के लिए शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने इस संवेदनशील मामले को लेकर मनपा आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा को एक लिखित निवेदन दिया है, जिसमे डेंजरस डोंगर पर रहने वाले सभी परिवारों के पुनर्वसन की मांग की गई है।
उल्लेखनीय है कि कोकण क्षेत्र में हुई भारी बारिश तथा भूस्खलन के चलते गांव के गांव तबाह हो गए और अनेक लोगों की मौत हो गई है। ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र अंतर्गत लोकमान्य नगर, परेरा नगर, शास्त्री नगर, राम नगर, उपवन, रामबाग, येऊर, मामा भांजा पहाड़, डोंगरी पाढा, पतली पाढा तथा ओवल आदि भागो में हजारों परिवार डोंगर पर या उसके आसपास रहते हैं। भारी बारिश की वजह से जिस तरह की तबाही कोकण क्षेत्र में हुई है, भविष्य में उसी तरह की तबाही इस परिसर में भी होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। ठाणे के कलवा, मुंब्रा, वागले इस्टेट आदि परिसरों में पिछले ५ वर्ष के अंदर डोंगर परिसर में भूस्खलन की १९ घटनाएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं में अब तक ७ लोगों की मौत हो चुकी है तथा अनेक लोग घायल हो चुके हैं। ओवला मजीवाड़ा विधान सभा क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं हो और सामान्य नागरिकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़े, उससे पहले डोंगर पर और उसके आस-पास रहने वाले सभी नागरिकों का पुनर्वसन करना बेहद आवश्यक हो गया है। इस संबंध में वर्तक नगर, सावरकर नगर तथा मजीवाड़ा मानपाढा प्रभाग के सहायक आयुक्तों से जमीनी रिपोर्ट मांगने तथा बीएसयूपी या एमएमआरडीए के घरों में स्थायी रूप से सभी निवासियों का पुनर्वसन करने की मांग सरनाईक ने की है, ताकि भविष्य में होनेवाली किसी तरह की दुर्घटना को टाला जा सके।





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