मुंबई, कोविड के आंकड़ें कम होने के बाद महाराष्ट्र में नए सिरे से ‘ब्रेक द चेन’प्रक्रिया के तहत रियायत देने का सिलसिला सरकार ने शुरू किया है. कल ब्रेक द चेन के तहत 20 से ज्यादा शहरों में नियमों में रियायत दी गई. दुकानों खोलने को लेकर मुंबई में भी कुछ रियायतें दी गई हैं. लेकिन रेस्टोरेंट और बार को लेकर सख्ती जस की तस है. इसको लेकर रेस्टोरेंट और बार मालिक बेहद निराश हैं.
रेस्टोरेंट्स बार के संगठन आहार इस विषय में महाराष्ट्र भर के रेस्टोरेंट्स के संग बैठक कर रहा है और अपनी आगे की रणनीति बनाएगा. कोविड के चलते शाम 4 बजे ही रेस्टोरेंट्स को बंद करने का नियम बना है. अब जो नई रियायतें आई हैं उस पर भी रेस्टोरेंट्स को कोई रियायत नहीं दी गई है जिसके चलते रेस्टोरेंट्स से जुड़े लोग बेहद नाराज हैं. रेस्टोरेंट्स और बार के संगठन आहार का कहना है कि उनका अस्तित्व संकट में है. हजारों होटल बंद हो चुके हैं और हजारों बंद होने के कगार पर हैं. सरकार चाहती क्या है कुछ समझ में नहीं आ रहा है. जब सब कुछ खुल सकता है तो होटल रेस्टोरेंट क्यों नहीं खुल सकते.
दरअसल, शाम 4:00 बजे के बाद खाना ऑर्डर करने का ही ऑप्शन बचता है. आहार की शिकायत है कि ऐसा लगता है यह नियम ऑनलाइन फूड ऑर्डर के बाजार को बड़ा करने के लिए ही बढ़ाया जा रहा है. सामान्यता 1000 से 5000 स्क्वायर फीट की एरिया में होटल और रेस्टोरेंट्स होते हैं. जब सरकार कोई रियायत नहीं देगी तो इतने बड़े एसेट को कितने समय तक खोल कर रख पाएंगे. सब कुछ बंद होने के कगार पर है. आहार ने एक बैठक का प्लान किया है जिसके बाद पूरे महाराष्ट्र के होटल और रेस्टोरेंट के लोगों से बात करने के बाद सरकार से फिर एक बार संपर्क किया जाएगा.





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