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कोरोना की तीसरी लहर से मुकाबले के लिए तैयार है महाराष्ट्र

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मुंबई. देश में इन दिनों कोरोना वायरस संक्रमण के रोजाना नए केस घट और बढ़ रहे हैं. इस बीच महाराष्‍ट्र में सोमवार को कोरोना वायरस के 3,643 नए मामले सामने आए हैं. इनमें कोरोना वायरस संक्रमण के डेल्‍टा वेरिएंट के 27 मामले शामिल हैं. हालांकि महाराष्‍ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने कहा है कि वो राज्‍य में कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
नीति आयोग और एनडीआईएम की ओर से हाल ही में जारी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जल्‍द ही कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है. इस दौरान देश में रोजाना कोरोना के 4 से 5 लाख नए केस सामने आ सकने का अनुमान लगाया गया है. वहीं यह भी कहा गया है कि इसमें बच्‍चों पर अधिक खतरा रहेगा और हर 100 में से 23 मामलों में मरीज को अस्‍पताल में भर्ती कराने की जरूरत होगी.
कोरोना की संभावित तीसरी लहर पर महाराष्‍ट्र के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री राजेश टोपे ने कहा, ‘हमने राज्‍य में मेडिकल स्‍टाफ की कमी को दूर करने के लिए नियुक्तियों के संबंध में कदम उठाए हैं. अधिक मात्रा में ऑक्‍सीजन तय करने के साथ ही दवाओं और अन्‍य संसाधनों के लिए बजट में बढ़ोतरी की है.’
राजेश टोपे का कहना है कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर की चुनौतियों से निपटने के लिए राज्‍य सरकार पूरी तरह से तैयार है. नीति आयोग के सदस्‍य वीके पॉल की अध्‍यक्षता वाले सशक्‍त समूह ने तीसरी लहर के दौरान राज्‍यवार संभावित आईसीयू बेड की जरूरत का ब्‍योरा जारी किया है. इसके अनुसार उत्‍तर प्रदेश में सर्वाधिक 33000 आईसीयू बेड की जरूरत होगी. वहीं महाराष्‍ट्र में 17,865 बेड आवश्‍यक होंगे. बिहार में 17480 आईसीयू बेड कर जरूरत पड़ेगी.
गट क्लिनिक के निदेशक अमीत मंडोट ने कहा कि लोगों को तीसरी लहर को मात देने के लिए कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार का पालन करना चाहिए. मंडोट ने कहा, ‘नागरिकों को मास्क पहनकर, सामाजिक दूरी का पालन करते हुए और सामूहिक समारोहों में हिस्सा नहीं लेकर जिम्मेदारी से काम करना चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘सरकार को टीकाकरण अभियान में तेजी लाने की जरूरत है क्योंकि इससे तीसरी लहर की संभावना कम हो जाएगी.’