Home Maharashtra ८६.६४% लोगों में मिला कोरोना का एंटीबॉडीज

८६.६४% लोगों में मिला कोरोना का एंटीबॉडीज

60
0

मुंबई, कोरोना महामारी से जंग लड़ते-लड़ते मुंबईकर अब और दमदार हो गए हैं। मनपा द्वारा जारी ५वें सीरो सर्वे की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक कुल ८६.६४ फीसदी मुंबईकरों में कोरोना से लड़नेवाली एंटीबॉडीज बन गई है। दिलासादायक खबर यह है कि जिन्होंने वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज ली है, ऐसे ९०.२६ प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडीज पाए गए हैं। वहीं जिन्होंने वैक्सीन नहीं ली है, ऐसे ७९.८६ फीसदी मुंबईकरों में भी एंटीबॉडीज बन चुकी है। रिपोर्ट की मानें तो वैक्सीन लेनेवाले मुंबईकर कोरोना से लड़ने के लिए और मजबूत हो गए हैं।
बता दें कि मुंबई मनपा ने तीसरी लहर से पहले मुंबईकरों में एंटीबॉडीज जानने के लिए ५वां सीरो सर्वे कराया था। अगस्त में शुरू हुए इस सर्वे के लिए ८,६७४ रक्त के नमूने इकट्ठे किए गए थे। ये नमूने १८ वर्ष से अधिक आयु के लोगों के थे। सायन अस्पताल, एटीआई चंद्रा फाउंडेशन और आईडीएफसी इंस्टीट्यूट ने ८,६७४ नमूनों पर सीरो सर्वे किया। इन नमूनों में २० फीसदी नमूने स्वास्थ्यकर्मियों के, ६५ फीसदी नमूने वैक्सीन ले चुके लोगों के और ३५ फीसदी बिना वैक्सीन लिए लोगों के नमूनों का समावेश था।
मुंबई मनपा ने कल ५वें सीरो सर्वे की रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार झोपड़पट्टी (स्लम) में रहनेवालों में इमारतों में रहनेवालों की तुलना में अधिक एंटीबॉडीज पाई गई है। स्लम में ८७.०२ प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडीज मिली है जबकि नॉन स्लम में ८६.२९ फीसदी लोगों में एंटीबॉडीज बनी हैं। इसके अलावा एंटीबॉडीज के मामले में महिलाएं ८८.२९ प्रतिशत के साथ पुरुषों से ३ प्रतिशत आगे हैं। ८५.०७ प्रतिशत पुरुषों में एंटीबॉडीज मिली है। अतिरिक्त मनपा आयुक्त सुरेश काकाणी ने कहा कि मुंबईकरों में भले ही अधिक एंटीबॉडीज मिले हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि खतरा पूरी तरह से टल गया है। लोगों को अब भी कोरोना नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
कोरोना से लड़ने के लिए शरीर मे एंटीबॉडीज का बनना जरूरी है। मुंबईकरों पर कोरोना के प्रभाव और उनके एंटीबॉडीज को लेकर मनपा समय-समय पर सर्वेक्षण करवाती रहती है। इससे पहले तीन सामान्य और एक बच्चों का कुल चार सीरो सर्वेक्षण करवाया है। ५वें सीरो सर्वे के सैंपल में २० प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी शामिल किया गया था। यहां ८७.१४ स्वास्थ्य कर्मचारी में एंटीबॉडीज पाया गया है।