Home Maharashtra ईस्टर्न-वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे दोनों का बदलेगा नजारा

ईस्टर्न-वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे दोनों का बदलेगा नजारा

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मुंबई, ईस्टर्न और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे के जाम से मुंबईकर परेशान रहते हैं। मगर अब इन रोड्स का नजारा बदलनेवाला है। इस रोड से सफर करनेवाले यात्रियों की कार जल्द ही सरपट फर्राटा भरेगी। एमएमआरडीए ने इन दोनों हाइवे पर कंक्रीट की सड़क बनाने की योजना बनाई है। यह सड़क दो लेन की होगी। हाइवे के दाहिने छोर पर मौजूद सड़कों पर कंक्रीट की ये सड़कें बनाई जाएंगी, ताकि फास्ट लाइन की सड़कें गड्ढा मुक्त हो सकें। माना जा रहा है कि साल २०२५ तक कंक्रीट की सड़कें बनकर तैयार हो जाएंगी।
एमएमआरडीए बांद्रा स्थित कलानगर से दहिसर तक वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर २५ किलोमीटर और सायन सर्कल से मुलुंड तक १८ किलोमीटर के मार्ग पर कंक्रीट की सड़कें बिछाएगा। एमएमआरडीए के मेट्रोपॉलिटन कमिश्नर एस.वी.आर श्रीनिवास ने कहा कि टू लेन, राइट मोस्ट और मिडल लेन पर सीमेंट-कंक्रीट की सड़कें बिछाएंगे। इससे सड़कों की लाइफ बढ़ेगी साथ ही गड्ढों और खराब सड़कों की समस्या समाप्त हो जाएगी।
सड़क ठेकेदारों और इंजीनियरों के अनुसार सीमेंट-कंक्रीट बिछाने की अनुमानित लागत लगभग ५,००० से ७,००० रुपए प्रति वर्गमीटर है, जबकि डामर सड़क की लागत २,००० से ३,००० रुपए प्रति वर्गमीटर है। साथ ही सीमेंट-कंक्रीट सड़क का जीवन गुणवत्ता के आधार पर १५ वर्ष या उससे अधिक है, जबकि डामर सड़क का जीवन ५ से ७ वर्ष है। कंक्रीट रोड की तुलना में डामर सड़क अधिक टायर के ज्यादा अनुकूल है।