मुंबई: महाराष्ट्र में बीजेपी के अगुवाई वाले महायुति के महाविकास आघाड़ी से पिछले के बाद इफेक्ट्स दिखने शुरू हो गए हैं। बीजेपी के सबसे बड़े नेता देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम का पद छोड़ने की पेशकश की है तो वहीं महायुति सरकार में दूसरे डिप्टी सीएम अजित पवार को चुनाव नतीजों ने मुश्किल में डाल दिया है। उनकी अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने सिर्फ रायगढ़ सीट सकी। बारामती की सीट पर उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार न सिर्फ सुप्रिया सुले हारी हैं बल्कि अजित पवार की अपनी विधानसभा सीट बारामती में भी वह सुप्रिया सुले से पीछे रही। सुप्रिया सुले को बारामती की छह में पांच विधानसभा क्षेत्रों में लीड मिली। इसमें सबसे ज्यादा लीड बारामती में मिली। बारामती विधानसभा में सुप्रिया सुले को 48,168 वोट अधिक मिले। इसे अजित पवार के लिए खतरे की घंटी के तौर देखा जा रहा है।
सुप्रिया सुले पांच विधानसभा क्षेत्रों में सुनेत्रा पवार से आगे रहीं (लोकसभा चुनाव-2024)
क्र. सं. विधानसभा क्षेत्र लीड/ मार्जिन मौजूदा विधायक किस पार्टी का कब्जा
1 भोर 41,625 संग्राम थोपटे कांग्रेस
2 बारामती 48,168 अजित पवार NCP
3 पुरंदर 48,168 संजय जगताप कांग्रेस
4 इंदापुर 25,689 दत्तात्रय भारणे NCP
5 दौंड 24,267 राहुल कुल बीजेपी
6 खड़कवसाला 21,696 (पीछे) भीमराव तपकीर बीजेपी
बारामती में मिली ज्यादा लीड
सुप्रिया सुले की बारामती से जीत को इसलिए बड़ा माना जा रहा है क्यों इस सीट पर अजित पवार ने पूरा जोर लगाया था, लेकिन उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को यहां पर हार काम सामना करना पड़ना। इतना नहीं जिस बारामती विधानसभा क्षेत्र से वह खुद विधायक हैं। वहां पर सुप्रिया की लीड सबसे ज्यादा रही। सुप्रिया सुले को कुल 732312 वोट मिले तो वहीं सुनेत्रा पवार को 573979 वोट मिले। उन्होंने 1.58 लाख वोटों से जीत हासिल की।
शरद गुट के पास नहीं थी कोई सीट
बारामती लोकसभा क्षेत्र में आने वाली छह विधानसभा क्षेत्रों में एक भी सीट एनसीपी (शरद गुट) के पास नहीं थी। दो सीटें बीजेपी और दो सीटें एनसीपी के पास थी। ऐसे में सुप्रिया सुले को कांग्रेस से काफी उम्मीद थी। कांग्रेस के कब्जे वाली दोनों सीटों के साथ उन्हें तीन अन्य सीटों पर लीड मिली। सुप्रिया सुले सिर्फ खड़कवसाला में पीछे रहीं। इस विधानसभा सीट पर सुनेत्रा पवार आगे रहीं। बारामती में सुप्रिया सुले बनाम सुनेत्रा पवार में सामने आए वोट पैटर्न को महाराष्ट्र की राजनीति के काफी अहम माना जा रहा है।
जीत के लिए खेला था हर दांव
अजित पवार ने बारामती में पत्नी की जीत को सुनिश्चित करने के लिए ओबीसी नेता और राष्ट्रीय समाज पक्ष के प्रमुख महादेव जानकर को परभणी की सीट दे दी थी। पहले यह सीट उनके खाते में आ रही थी। महादेव जानकर पर परभणी से हारे तो वहीं दूसरी ओर पत्नी सुनेत्रा पवार बारामती से हार गई। इतना ही नहीं पत्नी की जीत के लिए अजित पवार ने शिंदे गुट के नेता विजय विजयतारे से भी मदद ली थी। इसके बाद सही पूर्व विधायक हर्षवर्धन पाटिल को भी मैनेज करना पड़ा था, लेकिन इसके बाद भी बारामती से उन्हें बड़ा दर्द मिला है।





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