मुंबई : गर्मी और उमस के बीच मुंबईकरों के लिए यह चिंता का विषय है कि मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली झीलों में 50% पानी का स्टॉक बचा है। बीएमसी के अनुसार यदि मॉनसून समय से सक्रिय हुआ, तो ज्यादा परेशानी नहीं होगी। मॉनसून देरी से आया और झील क्षेत्रों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तब मुश्किल होगी। मुंबई को अपर वैतरणा, तानसा, भातसा, मोडक सागर, मध्य वैतरणा, विहार एवं तुलसी झील से पानी की सप्लाई होती है। इन सातों झीलों में 25 फरवरी सुबह 6 बजे तक 731831 एमएलडी पानी बचा है। यह झीलों की कुल क्षमता का 50.56% है, हालांकि यह पिछले तीन साल में सबसे ज्यादा है। वर्ष 2024 में इस दौरान झीलों में सबसे कम 648535 एमएलडी यानी 44.81% पानी का स्टॉक था। जबकि, वर्ष 2023 में 721056 एमएलडी यानी 49.82% पानी का स्टॉक था।
बीएमसी इन झीलों से मुंबई में रोजाना 3850 एमएलडी पानी की सप्लाई करती है। एक अधिकारी के अनुसार मुंबई को पानी देने वाली झीलों में कम स्टोरेज को देखते हुए राज्य सरकार ने अपने रिजर्व कोटे में से बीएमसी को अतिरिक्त पानी दिया था। इसके बावजूद मुंबई में 10% पानी की कटौती हुई थी।
बीएमसी अधिकारी ने बताया कि गर्मी बढ़ने के कारण बड़ी मात्रा में पानी का वाष्पीकरण हो जाता है। इससे झीलों में तेजी से पानी घटने लगता है। पिछले कुछ सालों का पैटर्न देखें, तो जून में अच्छी बारिश नहीं हुई है। झीलों में 50% पानी का स्टॉक बचने पर प्रशासन हर साल राज्य सरकार से भातसा और अपर वैतरणा के रिजर्व कोटे से पानी देने की मांग करता है, यह प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।





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