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राज ठाकरे का विवादित बयान; शिवसेना (यूबीटी) और बीजेपी ने की माफी मांगने की मांग

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मुंबई : महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के चीफ राज ठाकरे ने प्रयागराज में हाल ही में खत्म हुए महाकुंभ को लेकर एक विवादित बयान दिया है. पुणे के पिंपरी चिंचवड़ में मनसे के 19वें स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि वह गंगा के पानी को न छू सकते हैं और न ही पी सकते हैं. इतने लोगों के नहाने के बाद यह पानी साफ नहीं हो सकता है. इसके बाद शिवसेना (यूबीटी) और बीजेपी ने राज ठाकरे पर जमकर हमला बोला है. उद्धव गुट की शिवसेना ने तो इसके लिए राज ठाकरे से माफी मांगने की मांग तक की है.
शिवसेना (यूबीटी) के नेता आनंद दुबे ने कहा कि इस पूरे मामले में राज ठाकरे को माफी मांगनी चाहिए. यह हिन्दू धर्म का अपमान है. बीजेपी को भी राज ठाकरे से पूछना चाहिए कि करोड़ों लोगों ने जिस कुंभ में डुबकी लगाई, उस पर राज ठाकरे कैसे सवाल खड़े कर रहे हैं. करीब 60 करोड़ लोगों ने स्नान किया और राज ठाकरे कहते हैं कि पानी गंदा है, पीने लायक नहीं है. वहीं बीजेपी के नेता तुषार भोंसले ने कहा कि राज ठाकरे आप अपनी भूमिका जिस तरह से हमेशा बदलते रहते हो, इसलिए महाराष्ट्र की जनता आपको हमेशा घर बैठा देती है. अगर आप गंगा जल पी नहीं सकते है तो अपने माथे पर एक बार गंगा जी का कलश ही रख लीजिए.
गौरतलब है कि राज ठाकरे ने कहा था कि इतने लोगों के नहाने के बाद यह पानी साफ नहीं हो सकता है. ठाकरे ने कहा कि ‘मैं उस गंगा के गंदे पानी को भी नहीं छू सकता हूं, जहां करोड़ों लोग स्नान कर चुके हैं.’ उन्होंने सवाल उठाया कि ‘अगर लोग अपने पापों का प्रायश्चित करने के लिए प्रयागराज गंगा में स्नान करने गए, तो क्या वे सच में अपने पापों से मुक्त हो सकते हैं?’ राज ठाकरे ने इस दौरान यह भी कहा कि गंगा के पानी में इतने लोगों ने स्नान किया है तो यह पानी साफ नहीं हो सकता.
राज ठाकरे ने इस मुद्दे को गंगा की सफाई से जोड़ते हुए कहा कि यह मुद्दा नदी के पानी की सफाई का है. उन्होंने कहा कि आप विश्वास और अंधविश्वास के बीच का अंतर समझ गए होंगे. ठाकरे ने आगे बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर देखा कि कैसे लोग महिलाओं के साथ स्नान कर रहे थे. वहीं बीजेपी नेता आरपी सिंह ने कहा कि राज ठाकरे महाकुंभ गए नहीं है. वह प्रयागराज जाते और डुबकी लगाते फिर कहते पानी गंदा है या साफ है और पानी से बीमारी हो गई. एक हफ्ते बाद उनकी नींद खुली है. सब के सब ऐसे हो गए हैं कि सनातन पर उन्हें चोट करनी है. खुद को बड़ा और सनातन को छोटा दिखाना है.