मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर ईवीएम (ईवीएम) में गड़बड़ी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। यह आरोप महाराष्ट्र पुलिस के निलंबित पुलिस उपनिरीक्षक (पीएसआई) रंजीत कसाले ने लगाए थे। आयोग ने इन आरोपों को राधार और शांति भंग करने की कोशिश बताया है। बता दें कि, रंजीत कसाले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग पर ईवीएम में हेराफेरी करने के गंभीर आरोप लगाए थे। यह वीडियो कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से भी शेयर किया था।
आरोपों पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग ने तुरंत इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बयान एक नाराज और निलंबित पुलिस अधिकारी का है, जिसका चुनाव प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं था। आयोग ने कहा कि ईवीएम को संभालने की प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित और पारदर्शी होती है, जिसमें किसी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं होती। चुनाव आयोग ने मामले में बीड जिले के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने यह भी कहा कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आधिकारिक रिपोर्ट में क्या कहा गया?
चुनाव आयोग की तरफ से शेयर की गई रिपोर्ट के अनुसार, रंजीत कसाले चुनाव के समय किसी भी तरह की चुनावी ड्यूटी पर नहीं थे। वे पहले से ही निलंबित थे। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उनके बयान का मकसद जनता के बीच डर और ग़लतफहमी फैलाना था, जिससे शांति व्यवस्था बिगड़ सकती थी। चुनाव आयोग ने कहा, ‘बीड जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी और एसएसपी की रिपोर्ट के अनुसार, रंजीत कसाले चुनाव ड्यूटी पर नहीं थे। उनके आरोपों का उद्देश्य सार्वजनिक शांति भंग करना और राज्य के खिलाफ हिंसा भड़काना था।’





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