नई दिल्ली : 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त मंच ने, संबंधित कर्मचारी और किसान संगठनों के साथ मिलकर, केंद्र सरकार की ‘कर्मचारी-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट-समर्थक’ नीतियों के प्रति अपनी असहमति दर्ज कराने के लिए हड़ताल का आह्वान किया है आज एक विशाल राष्ट्रव्यापी हड़ताल है, जिसमें प्रमुख सरकारी क्षेत्रों के 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी केंद्र की ‘कर्मचारी-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट-समर्थक’ नीतियों के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन करने के लिए कमर कस रहे हैं। ये सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है: बैंकिंग और बीमा सेवाएँ,डाक संचालन,कोयला खनन और औद्योगिक उत्पादन,राज्य द्वारा संचालित सार्वजनिक परिवहन,सरकारी कार्यालय और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयाँ आदि…इस बंद के कारण सार्वजनिक परिवहन सहित अन्य सेवाओं में व्यापक व्यवधान देखा गया भुवनेश्वर में राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध होने और केरल के कोट्टायम में दुकानों व शॉपिंग मॉल के बंद रहने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
भारत बंद 9 जुलाई 2025 लाइव: पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु तक ‘Bharat Band’ का असर, कोलकाता में सड़कों पर आगजनी, रास्ता बंद, सभी अपडेट यहां देखें
आम हड़ताल या ‘भारत बंद’ का आह्वान 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त मंच ने किया है, जिसे किसान संगठनों और ग्रामीण कर्मचारी समूहों का समर्थन प्राप्त है। बैंकिंग, डाक संचालन, परिवहन और बिजली आपूर्ति सहित आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं में बड़े व्यवधान की उम्मीद है। बैकिंग, बीमा, कोयला खनन, डाक और निर्माण जैसे सार्वजनिक सेवा क्षेत्रों के 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी बुधवार (9 जुलाई) को राष्ट्रव्यापी-आम हड़ताल में भाग ले रहे हैं। 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और उनके सहयोगियों के गठबंधन ने सरकार की मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया है।





Users Today : 1
Users Yesterday : 18
Users Last 7 days : 344
Users Last 30 days : 833
Users This Month : 291
Users This Year : 9241
Total Users : 70448
Views Today : 1
Views Yesterday : 29
Views Last 7 days : 477
Views Last 30 days : 1081
Views This Month : 404
Views This Year : 10441
Total views : 106464
Who's Online : 0


