मुंबई : स्कूल और कॉलेज के स्टूडेंट्स – घर से स्कूल जाते हुए या स्कूल से घर आते हुए स्टूडेंट्स को अगर सफ़र के दौरान कोई दिक्कत होती है या बसें समय पर नहीं आती हैं या अचानक कैंसिल हो जाती हैं, तो पैसेंजर्स को सही मदद देने के लिए एसटी कॉर्पोरेशन की ‘हेल्पलाइन’ जल्द ही शुरू की जा रही है। यह जानकारी ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर और एसटी कॉर्पोरेशन के चेयरमैन प्रताप सरनाइक ने दी। एसटी कॉर्पोरेशन पूरे राज्य में लाखों स्टूडेंट्स को स्कूल जाने और घर वापस आने के लिए बस सर्विस देता है। राज्य सरकार के सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट ने राज्य के दूर-दराज और आदिवासी इलाकों में स्कूल की लड़कियों को पैसेंजर सर्विस देने के लिए ह्यूमन डेवलपमेंट फंड के तहत ‘मैनव डेवलपमेंट बसें’ दी हैं। उन बसों का इस्तेमाल खास तौर पर स्कूल की लड़कियों को लाने-ले जाने के लिए किया जाना चाहिए। ऐसे सख्त निर्देश दिए गए हैं। लेकिन कई डिपो में इस नियम का उल्लंघन हो रहा है। धाराशिव जिले के दौरे पर ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर और एसटी कॉर्पोरेशन के चेयरमैन प्रताप सरनाइक जब धाराशिव सेंट्रल बस स्टैंड गए, तो वहां मौजूद स्कूल की स्टूडेंट्स ने मिनिस्टर के सामने कई समस्याएं और शिकायतें रखीं।
कुछ स्टूडेंट्स ने शिकायत की कि कई स्कूल बसें टाइम पर नहीं निकलतीं, भीड़ की वजह से बस स्टॉप पर नहीं रुकतीं, बसों के देर से आने या अचानक कैंसल होने से कई स्टूडेंट्स की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। साथ ही, बच्चों से उम्मीद की जाती है कि वे शाम को स्कूल और कॉलेज की छुट्टी के कम से कम एक घंटे बाद घर जाएं। लेकिन, बसों के टाइम पर न आने या अचानक कैंसल होने की वजह से बच्चे बहुत देर से घर पहुंचते हैं। इस वजह से उन्हें अपने पेरेंट्स की डांट सुननी पड़ती है। कई जगहों पर तो पेरेंट्स ने गलतफहमी की वजह से स्टूडेंट्स को देर से आने पर सज़ा भी दी है। इस वजह से स्टूडेंट्स के सुसाइड करने की घटनाएं भी हुई हैं। एसटी के लोकल एडमिनिस्ट्रेशन को इन मामलों को बहुत सीरियसली लेने की ज़रूरत है। इस मौके पर मिनिस्टर सरनाइक ने ज़ोर दिया।
स्टूडेंट्स के लिए जल्द ही एसटी हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। अगर स्कूल स्टूडेंट्स को बसों के देर से निकलने, अचानक कैंसल होने, टेक्निकल खराबी वगैरह की वजह से घर पहुंचने में दिक्कत हो रही है, तो उन्हें तुरंत एसटी हेल्पलाइन नंबर पर कॉन्टैक्ट करके मदद लेनी चाहिए। साथ ही, 31 डिवीज़न के सभी डिपार्टमेंट कंट्रोलर के कॉन्टैक्ट नंबर संबंधित स्कूल और कॉलेज को दिए जाएंगे, ताकि इमरजेंसी में स्कूल और कॉलेज के प्रिंसिपल, हेडमास्टर और खुद स्टूडेंट भी इन डिपार्टमेंट कंट्रोलर से कॉन्टैक्ट कर सकें और अपनी प्रॉब्लम बता सकें। यह जानकारी ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर और एसटी कॉर्पोरेशन के चेयरमैन श्री प्रताप सरनाईक ने दी।





Users Today : 1
Users Yesterday : 18
Users Last 7 days : 344
Users Last 30 days : 833
Users This Month : 291
Users This Year : 9241
Total Users : 70448
Views Today : 1
Views Yesterday : 29
Views Last 7 days : 477
Views Last 30 days : 1081
Views This Month : 404
Views This Year : 10441
Total views : 106464
Who's Online : 0


