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निकाय चुनावों के पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद ऑपरेशन लोटस

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मुंबई : महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनावों के पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद बीजेपी ने मुंबई ‘ ऑपरेशन लोटस ‘ को तेज कर दिया है। रविवार को राज ठाकरे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को बड़ी चोट लगी। डोंबिवली में मनसे के जिला अध्यक्ष प्रकाश भोईर बीजेपी में शामिल हो गए। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ महराष्ट्र बीजेपी के चीफ रवींद्र चव्हाण की मौजूदगी में भगवा पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। प्रकाश भोईर की बीजेपी में एंट्री को मनसे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। प्रकाश भोईर ने ऐसे वक्त पर पाला बदला है जब मनसे और शिवसेना यूबीटी के बीच गठबंधन की बातचीत अंतिम दौर में है।
गठबंधन से पहले सर्जिकल स्ट्राइक

महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के बाद प्रदेश प्रमुख बने रवींद्र चव्हाण ने एक बार फिर से अपनी रणनीति से चौंका दिया है। उन्होंने राज ठाकरे की मनसे के जिला अध्यक्ष को ही तोड़ लिया। प्रकाश भोईर पूर्व में पार्षद रह चुके हैं। प्रकाश के साथ उनकी पत्नी सरोज भोईर, श्रीकांत वारंगे, अशोक म्हात्रे, संदीप म्हात्रे, सचिन सनस, काशीनाथ भोईर, गुरुनाथ मांजरेकर और सैकड़ों कार्यकर्ता जिस तरह से बीजेपी में आए है। उसने निश्चित तौर पर राज ठाकरे की मनसे को बैकफुट पर धकेल दिया है। बीजेपी में एंट्री का यह बड़ा कार्यक्रम डोंबिवली वेस्ट के उमेश नगर मैदान में गावदेवी मंदिर के पास हुआ।
डोंबिवली में बदलेंगे समीकरण

प्रकाश भोईर ने पाला बदलकर न सिर्फ मनसे को झटका दिया है बल्कि उन्होंने राज ठाकरे का नाम लिए बगैर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मनसे एक ऐसी पार्टी जिसके पास कोई वर्कर नहीं है। कल्याण-डोंबिवली में प्रकाश भोईर की बीजेपी में एंट्री से राजनीति में बड़ा उलटफेर होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि हाल ही में ठाकरे ग्रुप के वरुण सरदेसाई और मनसे के पूर्व MLA राजू पाटिल के बीच कल्याण-डोंबिवली में संभावित सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा हुई थी।
मनसे कार्यकर्ता विहीन पार्टी

इस चर्चा से पहले ही भोईर की बीजेपी में एंट्री को मनसे के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। प्रकाश भोईर ने कहा कि दादा रवींद्र चव्हाण ने हमें बहुत सारा फंड दिया। यहां के लोग दादा को बहुत प्यार करते हैं। 2010 में, राजनीति से बाहर निकलने का समय आ गया था, लेकिन वार्ड के नागरिकों ने फैसला किया और मुझे चुनाव में उतारा। मैं जिस पार्टी (मनसे) में था, वहां मुझे बहुत प्यार मिला, लेकिन जिस पार्टी में कार्यकर्ता नहीं हैं, कार्यकर्ताओं ने कंधे उचका दिए हैं, कार्यकर्ता आगे कैसे बढ़ेंगे?