मुंबई: हाल ही में सामले आए कथित फर्जी टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट्स (TRP) मामले की जांच के दौरान दो और टेलीविजन चैनलों के नाम सामने आए हैं. पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी. एक अधिकारी ने बताया कि इनमें एक समाचार चैनल है तो दूसरा मनोरंजन चैनल है. उन्होंने कहा, ‘‘जांच के दौरान यह बात सामने आई कि ये दो चैनल टीआरपी फिक्स करने में शामिल हैं और लोगों को उनका चैनल देखने के लिए पैसे दिया करते थे.
उन्होंने बताया कि पुलिस ने फर्जी टीआरपी मामले में और धाराएं जोड़ दी हैं. इससे पहले रिपब्लिक टीवी सहित तीन चैनल टीआरपी रैकेट में कथित रूप से शामिल पाए गए थे. इस बीच जांच टीम ने बुधवार को एक बार फिर रिपब्लिक टीवी के CFO एस सुंदरम और कार्यकारी संपादक निरंजन नारायणस्वामी के बयान दर्ज किए. वहीं दूसरी ओर मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने टीआरपी रैकेट के सिलसिले में बीते मंगलवार हंसा रिसर्च एजेंसी के दो पूर्व कर्मियों को गिरफ्तार किया था. इस तरह, इस मामले में अब तक 8 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. रामजी वर्मा (41) और दिनेश विश्वकर्मा (37) ने कुछ सालों के लिए हंसा एजेंसी में काम किया था. पुलिस के अनुसार, वर्मा को वर्ली से गिरफ्तार किया गया जबकि विश्वकर्मा को मुम्बई हवाईअड्डे से शाम को गिरफ्त में लिया गया.
यह कथित फर्जी टीआरपी घोटाला तब सामने आया, जब रेटिंग एजेंसी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) ने हंसा रिसर्च ग्रुप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई कि कुछ चैनल विज्ञापनदाताओं को आकर्षित करने के लिए टीआरपी अंक के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं. आरोप है कि दर्शक संबंधी आंकड़े के संग्रहण के लिए जिन परिवारों में मीटर लगाए गए थे और उनमें से कुछ को कुछ खास चैनल देखने के लिए रिश्वत दी जाती थी.





Users Today : 5
Users Yesterday : 12
Users Last 7 days : 89
Users Last 30 days : 290
Users This Month : 41
Users This Year : 2823
Total Users : 64030
Views Today : 5
Views Yesterday : 12
Views Last 7 days : 102
Views Last 30 days : 388
Views This Month : 47
Views This Year : 3362
Total views : 99385
Who's Online : 0


