मुंबई : सिस्टम की रीढ़ माने जाने वाले सरकारी मेडिकल कॉलेज इस समय गंभीर एडमिनिस्ट्रेटिव संकट में हैं। राज्य के कुल 37 कॉलेजों में से 19 इंस्टीट्यूशन परमानेंट डीन न होने की वजह से ‘एडिशनल’ पोस्ट पर चल रहे हैं। इन खाली पोस्ट को भरने के लिए महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा तय इंटरव्यू शेड्यूल को कैंसिल करने से मेडिकल कम्युनिटी में गुस्सा है। 11 से 16 फरवरी के बीच होने वाले इन इंटरव्यू को टालकर कमीशन ने राज्य में मेडिकल एजुकेशन को ‘वेटिंग’ पर डाल दिया है।
चाहे चंद्रपुर, गढ़चिरौली जैसे दूर-दराज के इलाकों के कॉलेज हों या नागपुर, हर जगह ‘प्रभार’ राज चल रहा है। सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, लातूर, जलगांव, सिंधुदुर्ग जैसे बड़े जिलों में नहीं। क्योंकि कॉलेजों में भी फुल-टाइम परमानेंट डीन नहीं है, इसलिए पॉलिसी डिसीजन लेने, नए इक्विपमेंट खरीदने और एम्प्लॉई को कंट्रोल करने में लिमिटेशन हैं। समय-समय पर आपत्तियां उठाए जाने पर, ‘महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन ‘ ने 11 से 13 और 16 फरवरी 2026 तक नवी मुंबई के सीबीडी बेलापुर ऑफिस में 64 योग्य उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए थे। लेकिन, इंटरव्यू से एक दिन पहले, 11 फरवरी को, कमीशन ने अचानक एक लेटर जारी करके ‘एडमिनिस्ट्रेटिव कारणों’ का हवाला देते हुए इंटरव्यू को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया। अगली तारीखों की घोषणा न होने से उम्मीदवारों में गुस्सा है।





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