भिवंडी : मुंबई शहर के लिए जलापूर्ति करने वाली पाइप लाइन के किनारे कचरे में बड़े पैमाने पर सरकारी दवाइयां फेंकने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इससे पहले भी वल ग्राम पंचायत के गोदाम क्षेत्र में पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के दौरान विदेश में उपयोग किया हुआ एन 95 मास्क बड़े पैमाने पर फेंके जाने का मामला प्रकाश में आया था । आश्चर्य की बात यह है कि पाइप लाइन के किनारे कचरे में फेंकी गई दवाइयों के उपयोग की अवधि अभी समाप्त भी नहीं हुई है, इसके बावजूद उसे कचरे में फेंक दिया गया है । फेंकी गई दवाओं में हरियाणा सरकार के लिए भी बनाई गई दवाइयां शामिल हैं।इसकी जानकारी के लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष रेंघे से संपर्क करने का प्रयास किया गया , लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका । उल्लेखनीय है कि कचरे में फेंकी गई दवाओं में एमआर द्वारा डॉक्टरों को दिया जाने वाला सेंपल भी शामिल है । पाइप लाइन के किनारे फेंकी गई दवाओं पर किसी सरकारी यंत्रणा की नजर अभी तक नहीं गई है। इन दवाओं का उपयोग कोई भी कर सकता है।





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